स्पेशल रिपोर्ट: इस्राइल को बरसों पहले पता चल गई थी पानी की कीमत
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सूखे के दौर से गुजर रहे देश को यह जानकर हैरत होगी कि इस्राइल जैसे देश को बरसों पहले पानी की कीमत का अंदाजा लग गया था। आज भले ही इस्राइल में एक लीटर पीने के पानी की कीमत चार सौ रुपये से अधिक हो लेकिन पानी के प्राचीन स्रोतों को बचाए रखने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है, ये प्रयोग देखने लायक हैं।
यरूशलम शहर के नीचे बनी सुरंगें और उन सुरंगों के नीचे से होकर बहने वाला पानी इस बात का प्रमाण है कि आज से तीन हजार साल पहले इस्राइल को पानी की कीमत पता चल गई थी। वर्तमान में जल संरक्षण के तौर-तरीके सीखने के लिए इस्राइल जैसे देश के पास तकनीकों की भरमार है।
दुनिया भर में अपने आक्रामक तेवरों के लिए जाने जाना वाला इस्राइल जल संरक्षण के तौर तरीकों में बहुत आगे निकल चुका है। तीन हजार साल पुराने शहर यरूशलम में जल संरक्षण की नींव उसी समय पड़ गई थी जब यहां के तत्कालीन सम्राट डेविड ने सुरंग के नीचे बने जल स्रोतों को ढूंढ निकाला था। इसे इस्राइल सरकार का कमाल ही कहेंगे कि सिटी ऑफ डेविड के नाम से पहचाने जाने वाले इस शहर में यह जल स्रोत आज भी मौजूद हैं।
इन्हें बनाए रखने के लिए सरकारी मशीनरी हर समय सक्रिय है। झरनों और बरसाती पानी को इन सुरंगों के नीचे जमा करके पीने और कृषि कार्य के लिए प्रयोग किया जाता है। तकरीबन आधा किलोमीटर लंबी सुरंग के नीचे जाने पर इस स्वच्छ और शीतल जल का एहसास यहां आने वाले पयर्टक करते हैं। घाटी की तरह आकार ले चुके इस शहर में आने वाला झरनों और बरसात का पानी अपने आप इन सुरंगों के नीचे पहुंच जाता है।
कुछ ही समय पूर्व की गई इन सुरंगों की खोज के बाद तो मानो इस्राइल सरकार के हाथ कुबेर का खजाना लग गया हो। यरूशलम की म्यूनिसिपल लिमिट में आने वाली यह सुरंगें इस शहर की पानी की दिक्कत को काफी हद तक खत्म कर चुकी हैं। अब सरकार का प्रयास यह है कि कैसे अधिक से अधिक पानी का संचय कर इन सुरंगों तक पहुंचाया जाए।
जकिय्याह के शासनकाल के दौरान खोदी गई यह 1750 फीट लंबी सुरंग शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक पानी ले जाने का काम करती है। यहां आने वाले पयर्टक इसे वाटर इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना मानते हैं। वर्तमान में इस्राइल को कई लाख घन मीटर पानी की जरूरत सालाना पड़ती है। यह वह पानी है जिसे दोबारा से भरकर ट्रीट किया जाता है। सलाद, हरी सब्जियों और टमाटर के शौकीन इस्राइली इन फसलों की बंपर पैदावार में भी महारथ हासिल कर चुके हैं। ड्रिप इरीगेशन के माध्यम से होने वाली यह फसल इजरायल को हरी सब्जियों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाती है।
हवा से भी नमी निकाल लेते हैं इस्राइली
तल-या पानी की तकनीक के नाम से पहचानी जाने वाली यह तकनीक एक पुन: प्रयोग की जाने वाली प्लास्टिक ट्रे के माध्मय से होती है। इस तकनीक से पौधों को दिए जाने वाले पानी में करीब आधी कमी आ जाती है। चूना पत्थर और यूवी फिल्टर के माध्यम से ओस की बूंदें पौधों की जड़ों तक पहुंचती हैं। ऐसे में यदि बरसात हो जाए तो यह ट्रे पानी को 27 प्रतिशत अधिक प्रभावी बना देती है।
-प्राकृतिक भंडारों से पानी वितरित करने के लिए सरकार ने दूरदर्शी और राष्ट्रव्यापी पानी वहन प्रणाली बनाई है। यह वह देश नहीं है जहां पानी की लीकेज हो और सरकार देखती रहे।
कृषि क्षेत्र में सिंचाई के लिए देश की घरेलू अपशिष्ट जल का पुन: उपयोग किया जाता है
इस्राइल में स्वचालित ड्रिप सिंचाई के जरिए सीधे पौधे की जड़ों के अंतिम छोर तक उन्नत तरीके से सिंचाई की जाती है
नई फसल की पैदावार में पानी की सीमित राशि के साथ करबी दस गुना अधिक उपज का प्रयास होता है
असाधारण गहरे कुओं की ड्रिलिंग के बाद पंप के माध्यम से यह पानी जमीन तक पहुंचाने में अत्याधुनिक पंपो का प्रयोग इस देश को अग्रणी रखता है
समुद्री पानी और खारे भूजल का बड़े पैमाने पर विलवणीकरण (खारापन दूर किया जाता है)
पुन: उपयोग किए जाने वाले पानी के जलाशयों में शैवाल के नियंत्रण के लिए भी विशेष इंतजाम होते हैं