{"_id":"54-15452","slug":"Chandigarh-15452-54","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिनों तक घर में पड़ा रहा एनआरआई का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दिनों तक घर में पड़ा रहा एनआरआई का शव
Chandigarh
Updated Tue, 26 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़। सेक्टर-41 स्थित मकान में एक एनआरआई का दो दिनों तक कमरे में शव पड़ा रहा, लेकिन पड़ोसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। 55 वर्षीय एनआरआई अशोक भनोट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद शव से जब बदबू उठने लगी, उसके बाद पड़ोसियों को पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो अशोक भनोट का शव फर्श पर पड़ा था और पास में ही शराब की बोतल रखी थी। अशोक भनोट यहां अकेले रहते थे। इसलिए पुलिस ने शव को सेक्टर-16 जनरल अस्पताल की मार्चरी में रखवा दिया है। साथ ही अमेरिका में रहने वाले उनके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है।
घटना रविवार रात की है। सेक्टर 41 स्थित मकान नंबर 12/2 निवासी एनआरआई अशोक भनोट के मकान से बदबू आने की पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सेक्टर 39 थाना प्रभारी चरणजीत सिंह मौके पर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो फर्श पर एनआरआई का शव पड़ा था और बदबू आ रही थी।
अमेरिका से आए थे बिजनेस करने
पुलिस ने अशोक भनोट के मोबाइल से उनके चंडीगढ़ निवासी भतीजे सौरव प्राशर से संपर्क कर उन्हें मौके पर बुलाया। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके चाचा अशोक भनोट करीब तीन साल पहले अमेरिका से व्यापार करने चंडीगढ़ आए थे। उनके बच्चे अमेरिका में ही रहते हैं।
विज्ञापन
कोट्स......
घर के अंदर ही एनआरआई अशोक भनोट का शव पड़ा मिला। वह शराब पीने के आदी थे। पुलिस ने उनकी मौत की जानकारी परिजनों को दे दी है और मामले की छानबीन की जा रही है।
- सुरजीत सिंह मलिक, डीएसपी (साउथ)
पहले भी आए हैं ऐसे मामले
-सेक्टर 37 स्थित एक घर में चार दिनों तक बेटे के शव के साथ मां घर में ही बैठी रही। वह मानसिक तौर पर बीमार थी।
-सेक्टर 40 स्थित घर में एक महिला का शव पांच दिनों तक पड़ा रहा और उसकी अपाहिज बहन भी घर के अंदर ही बैठी रही।
-सेक्टर 23 स्थित एक मकान में बुजुर्ग का शव तीन दिनों तक घर में ही पड़ा रहा और मानसिक रूप से परेशान उनकी बेटी घर में ही बैठी रही।
पड़ोसियों से इतनी दूरी भी ठीक नहीं
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पड़ोसी भी अपने आसपास रहने वाले लोगों से वास्ता नहीं रखते। कई लोगों को यह भी पता नहीं होता है कि उनके पड़ोस में कौन और किस तरह के लोग रहते हैं। इसका नतीजा यह है कि पड़ोस में घटना हो जाती है, लेकिन कई दिनों तक पड़ोसियों को जानकारी ही नहीं मिल पाती है। इन घटनाओं से एक सबक तो जरूर लेना चाहिए कि अपने आस-पड़ोस वालों से इतना ताल्लुक जरूर रखें कि उनके सुख-दुख में कुछ पल के लिए सही, साथ दे सकें।
विज्ञापन
घटना रविवार रात की है। सेक्टर 41 स्थित मकान नंबर 12/2 निवासी एनआरआई अशोक भनोट के मकान से बदबू आने की पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सेक्टर 39 थाना प्रभारी चरणजीत सिंह मौके पर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो फर्श पर एनआरआई का शव पड़ा था और बदबू आ रही थी।
विज्ञापन
अमेरिका से आए थे बिजनेस करने
पुलिस ने अशोक भनोट के मोबाइल से उनके चंडीगढ़ निवासी भतीजे सौरव प्राशर से संपर्क कर उन्हें मौके पर बुलाया। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके चाचा अशोक भनोट करीब तीन साल पहले अमेरिका से व्यापार करने चंडीगढ़ आए थे। उनके बच्चे अमेरिका में ही रहते हैं।
विज्ञापन
कोट्स......
घर के अंदर ही एनआरआई अशोक भनोट का शव पड़ा मिला। वह शराब पीने के आदी थे। पुलिस ने उनकी मौत की जानकारी परिजनों को दे दी है और मामले की छानबीन की जा रही है।
- सुरजीत सिंह मलिक, डीएसपी (साउथ)
पहले भी आए हैं ऐसे मामले
-सेक्टर 37 स्थित एक घर में चार दिनों तक बेटे के शव के साथ मां घर में ही बैठी रही। वह मानसिक तौर पर बीमार थी।
-सेक्टर 40 स्थित घर में एक महिला का शव पांच दिनों तक पड़ा रहा और उसकी अपाहिज बहन भी घर के अंदर ही बैठी रही।
-सेक्टर 23 स्थित एक मकान में बुजुर्ग का शव तीन दिनों तक घर में ही पड़ा रहा और मानसिक रूप से परेशान उनकी बेटी घर में ही बैठी रही।
पड़ोसियों से इतनी दूरी भी ठीक नहीं
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पड़ोसी भी अपने आसपास रहने वाले लोगों से वास्ता नहीं रखते। कई लोगों को यह भी पता नहीं होता है कि उनके पड़ोस में कौन और किस तरह के लोग रहते हैं। इसका नतीजा यह है कि पड़ोस में घटना हो जाती है, लेकिन कई दिनों तक पड़ोसियों को जानकारी ही नहीं मिल पाती है। इन घटनाओं से एक सबक तो जरूर लेना चाहिए कि अपने आस-पड़ोस वालों से इतना ताल्लुक जरूर रखें कि उनके सुख-दुख में कुछ पल के लिए सही, साथ दे सकें।