{"_id":"6-12123","slug":"Chandigarh-12123-54","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीनेट चुनाव में जीत के लिए उम्मीदवार खुद बनवा रहे हजारों वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीनेट चुनाव में जीत के लिए उम्मीदवार खुद बनवा रहे हजारों वोट
Chandigarh
Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) सीनेट के रजिस्टर्ड ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र की 15 सीटों के लिए 23 सितंबर को होने वाले मतदान में लगभग 20 हजार वोट फर्जी पाए गए। पीयू ने इस बार चुनाव में जोड़े गए लगभग 84 हजार मतदाताओं में से करीब 20 हजार इन फर्जी वोटों को काट दिया है। यह वोट गलत दस्तावेज देकर बनवाए गए थे। इन ग्रेजुएट्स के दस्तावेजों का जब मिलान किया गया तो वह जाली निकले क्योंकि पीयू के पास उपलब्ध दस्तावेजों से उनका मेल नहीं हुआ।
इसके अलावा पीयू के कई ग्रेजुएट के वोट डुप्लीकेट भी निकले हैं। पीयू सीनेट चुनाव में खड़े कई उम्मीदवारों ने पीयू से ग्रेजुएशन कर चुके विद्यार्थियों के वोट खुद बनवाए हैं। इनमें से कई ग्रेजुएट्स के वोट एक से ज्यादा उम्मीदवारों ने बनवा दिए। पीयू ने जब जांच की तो डुप्लीकेट वोट पकड़ में आ गए। चुानव में खड़े कई उम्मीदवार औसतन पांच हजार ग्रेजुएट्स के वोट बनवाते हैं। पीयू से डाटा हासिल कर वे खुद ही फार्म भर देते हैं। यही वजह है कि बहुत से ग्रेजुएट्स के वोट डुप्लीकेट बन जाते हैं।
अब चुनाव में खड़े 65 उम्मीदवारों का भाग्य लगभग 3 लाख वोटर तय करेंगे। पीयू ने चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों में कुल 274 मतदान केंद्र बनाए हैं। इनमें से 69 बूथ पंजाब में बने हैं। सिब्बल कमेटी ने इस बार से ही मतदान केंद्र कम करने की सिफारिश की थी। लेकिन, सीनेट ने इसे स्वीकार नहीं किया। अब इसे वर्ष 2016 में होने वाले चुनाव से लागू किया जाएगा। कई मतदान केंद्र ऐेसे हैं, जहां पिछले सालों में 50 से भी कम वोट डले थे।
विज्ञापन
पीयू सीनेट के रजिस्टर्ड ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र में न सिर्फ फर्जी वोट बनते हैं बल्कि मतदान भी फर्जी होता है। जो वोटर नहीं होता है वह भी वोट डाल देता है। इसे रोकने के लिए वोट डालते समय पीयू ने पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है। पीयू के रजिस्ट्रार और सीनेट चुनाव के अधिकारी प्रो. एके भंडारी ने कहा कि जो वोट फर्जी या डुप्लीकेट थे, उन्हें काट दिया गया है।
एक सप्ताह पीयू का कामकाज होगा प्रभावित
पीयू में लगभग एक सप्ताह तक कामकाज प्रभावित रहेगा। सीनेट चुनाव में 1300 से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। चुनाव से लेकर मतों की गिनती तक पीयू के कर्मचारी व्यस्त रहेंगे। चुनाव 23 को होगा और दूसरे शहरों में बने मतदान केंद्रों में कर्मचारी एक दिन पहले भेज दिए जाएंगे। मत पेटियां पीयू में 24 की शाम तक आएंगी और इसके बाद उन्हें खोला जाएगा। उम्मीद है कि 26 सितंबर की शाम को मतों की गिनती शुरू होगी जोकि 29 सितंबर तक जारी रहेगी।
विज्ञापन
इसके अलावा पीयू के कई ग्रेजुएट के वोट डुप्लीकेट भी निकले हैं। पीयू सीनेट चुनाव में खड़े कई उम्मीदवारों ने पीयू से ग्रेजुएशन कर चुके विद्यार्थियों के वोट खुद बनवाए हैं। इनमें से कई ग्रेजुएट्स के वोट एक से ज्यादा उम्मीदवारों ने बनवा दिए। पीयू ने जब जांच की तो डुप्लीकेट वोट पकड़ में आ गए। चुानव में खड़े कई उम्मीदवार औसतन पांच हजार ग्रेजुएट्स के वोट बनवाते हैं। पीयू से डाटा हासिल कर वे खुद ही फार्म भर देते हैं। यही वजह है कि बहुत से ग्रेजुएट्स के वोट डुप्लीकेट बन जाते हैं।
विज्ञापन
अब चुनाव में खड़े 65 उम्मीदवारों का भाग्य लगभग 3 लाख वोटर तय करेंगे। पीयू ने चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों में कुल 274 मतदान केंद्र बनाए हैं। इनमें से 69 बूथ पंजाब में बने हैं। सिब्बल कमेटी ने इस बार से ही मतदान केंद्र कम करने की सिफारिश की थी। लेकिन, सीनेट ने इसे स्वीकार नहीं किया। अब इसे वर्ष 2016 में होने वाले चुनाव से लागू किया जाएगा। कई मतदान केंद्र ऐेसे हैं, जहां पिछले सालों में 50 से भी कम वोट डले थे।
विज्ञापन
पीयू सीनेट के रजिस्टर्ड ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र में न सिर्फ फर्जी वोट बनते हैं बल्कि मतदान भी फर्जी होता है। जो वोटर नहीं होता है वह भी वोट डाल देता है। इसे रोकने के लिए वोट डालते समय पीयू ने पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया है। पीयू के रजिस्ट्रार और सीनेट चुनाव के अधिकारी प्रो. एके भंडारी ने कहा कि जो वोट फर्जी या डुप्लीकेट थे, उन्हें काट दिया गया है।
एक सप्ताह पीयू का कामकाज होगा प्रभावित
पीयू में लगभग एक सप्ताह तक कामकाज प्रभावित रहेगा। सीनेट चुनाव में 1300 से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। चुनाव से लेकर मतों की गिनती तक पीयू के कर्मचारी व्यस्त रहेंगे। चुनाव 23 को होगा और दूसरे शहरों में बने मतदान केंद्रों में कर्मचारी एक दिन पहले भेज दिए जाएंगे। मत पेटियां पीयू में 24 की शाम तक आएंगी और इसके बाद उन्हें खोला जाएगा। उम्मीद है कि 26 सितंबर की शाम को मतों की गिनती शुरू होगी जोकि 29 सितंबर तक जारी रहेगी।