फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Youth dies after tunnel collapses during illegal coal mining

Surajpur: अवैध कोयला उत्खनन के दौरान सुरंग धंसी, अंदर फंसा युवक, 24 घंटे बाद बरामद हुआ शव

Tue, 30 Sep 2025 11:13 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, सूरजपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सूरजपुर Published by: आकाश दुबे Updated Tue, 30 Sep 2025 11:13 PM IST
सार

मृतक शिव बरवा मूलतः अंबिकापुर के सरगवां का रहने वाला था। वर्तमान में वह भटगांव वार्ड क्रमांक 2 में अपने ससुर टूका बैगा के घर रह रहा था।

विज्ञापन
Youth dies after tunnel collapses during illegal coal mining
सुरंग धंसने से युवक की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भटगांव स्थित एसईसीएल के बंद पड़े दुग्गा ओसीएम में अवैध कोयला उत्खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सोमवार को कोयला निकालते वक्त सुरंग धंसने से युवक अंदर फंस गया था। वहीं करीब 24 घंटे बाद मंगलवार को भटगांव-विश्रामपुर की संयुक्त रेस्क्यू टीम ने उसका शव बरामद किया। मामला भटगांव थाना क्षेत्र का है।

विज्ञापन


सोमवार दोपहर तीन युवक बंद खदान में अवैध कोयला उत्खनन करने पहुंचे थे। इसी दौरान अम्बिकापुर के सरगवां निवासी शिव (30) सुरंग के अंदर घुसकर कोयला खोदाई का काम कर रहा था। चार बोरी से अधिक कोयला खोदाई कर बाहर निकाल लिया गया था। इस दौरान शिव अंदर जाकर कोयले से भरी बोरी को बाहर निकल ही रहा था कि अचानक भरभरा कर एक बड़ी चट्टान सामने गिर गई। इससे सुरंग का ऊपर का हिस्सा धंस गया और वह दबकर फंस गया। उसके साथ आए दो युवक किसी तरह भागकर गांव लौटे। उन्होंने परिजनों समेत पुलिस को घटना की जानकारी दी।
विज्ञापन


सूचना मिलने पर भटगांव पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन पानी गिरने से सोमवार शाम को रेस्क्यू रोकना पड़ा। मंगलवार सुबह एसईसीएल भटगांव व विश्रामपुर की रेस्क्यू टीम ने कई घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। घटनास्थल बीहड़ क्षेत्र में होने से मशीनें लगाना संभव नहीं था, जिससे अभियान और मुश्किल हो गया। लेकिन रेस्क्यू टीम ऑपरेशन को सफल करने के लिए जुटी रही। हाथों से चट्टान को तोड़ कर शव को बाहर निकाला गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मृतक की हुई पहचान
मृतक शिव बरवा मूलतः अंबिकापुर के सरगवां का रहने वाला था। वर्तमान में वह भटगांव वार्ड क्रमांक 2 में अपने ससुर टूका बैगा के घर रह रहा था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।


पहले भी हो चुके हादसे
एसईसीएल की यह दुग्गा ओसीएम खदान फॉरेस्ट क्लियरेंस न मिलने के कारण 2012 से बंद है। बावजूद इसके, यहां अवैध उत्खनन जारी है। इससे पहले भी एक दर्जन से ज्यादा लोग हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed