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छत्तीसगढ़: जंगली हाथियों के हमले में ग्रामीण महिला की मौत, जंगल में लकड़ी लेने गई थी
Wed, 01 Jun 2022 03:11 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, कोरबा।
पीटीआई, कोरबा।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 01 Jun 2022 03:11 AM IST
सार
प्रतापपुर के अनुमंडल अधिकारी (वन) आशुतोष भगत ने बताया कि प्रतापपुर वन क्षेत्र के करंजवार सरहरी गांव के पास सोमवार शाम को हाथी ने महिला पर हमला किया। अ
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हाथी के हमले में एक महिला की मौत। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के जंगल में एक जंगली हाथी ने 52 वर्षीय एक महिला को कुचल कर मार डाला। वन विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के करंजवार सरहरी गांव के जंगल में जंगली हाथी के हमले में इंदरमनिया (52) की मौत हो गई।
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प्रतापपुर के अनुमंडल अधिकारी (वन) आशुतोष भगत ने बताया कि प्रतापपुर वन क्षेत्र के करंजवार सरहरी गांव के पास सोमवार शाम को हाथी ने महिला पर हमला किया। अधिकारी ने बताया कि जानकारी मिली है कि सिंघारा गांव निवासी इंदरमनिया अपने मायके सरहरी गांव आई थी और सोमवार शाम वह अन्य दो महिलाओं के साथ जंगल में लकड़ी लेने गई थी, तभी हाथियों ने उन पर हमला कर दिया।
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उन्होंने बताया कि हाथियों को देख तीनों महिलाएं वहां से भागने लगीं, लेकिन इंदरमनिया को एक हाथी ने अपनी सूंड से पकड़ लिया और कुचलकर मार डाला। अधिकारियों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के एक दल को घटनास्थल पर रवाना किया गया और मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
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उन्होंने बताया कि मृत महिला के परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं और बाकी 5.75 लाख रुपये सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिए जाएंगे।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के उत्तरी भाग में मानव-हाथी संघर्ष पिछले एक दशक से चिंता का एक प्रमुख कारण रहा है, पिछले कुछ वर्षों में मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में इस खतरे ने अपने पैर पसार लिए हैं। राज्य के सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिले मुख्य रूप से इस खतरे का सामना कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में राज्य में हाथियों के हमले में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं।