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गजराज हैं नाराज!: हाथी की चपेट में आने से महिला की मौत, एक ग्रामीण के दोनों पैर टूटे, वन विभाग पर उठे सवाल
Mon, 16 Jun 2025 12:14 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर-रामानुजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर-रामानुजगंज
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 16 Jun 2025 12:14 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज में एक हाथी की चपेट में आने से महिला की मौत हो गई। घटना की सूचना जिला पंचायत के सभापति बद्री यादव एवं समाजसेवी संतोष यादव मौके पर पहुंचे। संतोष यादव ने वन विभाग के कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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हाथी के आतंक से लोग परेशान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बलरामपुर-रामानुजगंज में बीती रात एक नर हाथी की चपेट में आने से ग्राम चाकी की एक महिला की मौत हो गई। वहीं घर को तोड़ते हुए हाथी ने चपेट में आए ग्रामीण के दोनों पैर टूट गए। घटना से क्षेत्र में दहशत है।
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वन विभाग के द्वारा मृतिका को पोस्टमार्टम करने के लिए 100 बिस्तर अस्पताल लाया गया। वहीं घायल का प्राथमिक इलाज 100 बिस्तर अस्पताल रामानुजगंज से बलरामपुर के लिए रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना जिला पंचायत के सभापति बद्री यादव एवं समाजसेवी संतोष यादव मौके पर पहुंचे।
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संतोष यादव ने वन विभाग के कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मौत के सिलसिला को रोकना सुनिश्चित करने की मांग वन विभाग से की। मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात दो बजे के करीब ग्राम चाकी जंगल किनारे रहने वाले मुन्ना राम एवं उसकी पत्नी राधिका भूईया उम्र 36 वर्ष बाथरूम के लिए उठे थे। इसी दौरान अचानक से आए हाथी ने राधिका को शुंड से लपेटकर पटक दिया।
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वहीं मुन्ना राम अपने 18 वर्ष की बेटी के साथ भाग कर जान बचाई। इसके बाद हाथी आगे बढ़ते हुए टीभाली सिंह पिता फेकन सिंह उम्र 52 वर्ष का घर तोड़ते हुए हाथी की चपेट में आ गया। उसके दोनों पैर टूट गए। वन विभाग के द्वारा मृतिका को 100 बिस्तर अस्पताल लाया गया। यहां शव का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया।
घायल ग्रामीण का इलाज बलरामपुर जिला चिकित्सालय में चल रहा है। जिला पंचायत के सभापति बद्री यादव शव बिस्तर अस्पताल पहुंचे। वहीं घायल को देखने जिला चिकित्सालय भी गए। मौके पर पहुंचे समाजसेवी संतोष यादव ने कहा कि 8 अप्रैल को भी हाथी के चपेट में आने से ग्रामीण की मौत हुई थी।
परंतु इसके बाद वन विभाग के द्वारा मौत के सिलसिले को रोकने के लिए कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई और न ही कोई ठोस कार्य योजना बनाई गई। जिसके कारण से यह लगातार हो रहा है। यादव ने कहा कि मौत का सिलसिला रुक सके इसके लिए वन विभाग को ठोस कार्य योजना बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है। वन विभाग के द्वारा मृतिका के स्वजनों को 25000 की तात्कालिक आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई।
रेंजर निखिल सक्सेना ने कहा कि नर हाथी वाड्रफनगर से गढ़गोरडी फिर बगरा होते हुए चाकी आया था। चाकी में घटना करने के बाद नर हाथी छतवा शिवपुर में है। लगातार मुनादी एवं ग्रामीणों को समझाइए दी जारी है।