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Bilaspur: SSP का साइन कर महिला ASI ने PF फंड में किया 60 लाख का गबन, पति की जगह मिली थी अनुकंपा नियुक्ति
Mon, 12 Dec 2022 07:40 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Mon, 12 Dec 2022 07:40 PM IST
सार
जांच के दौरान पुलिस अफसरों ने एसबीआई की कलेक्ट्रेट शाखा में जमा कराए गए रुपयों के सबंध में जानकारी ली। वहां से पता चला कि चालान और बैंक फर्जी सील का इस्तेमाल किया गया। इसमें आरोपी महिला एएसआई ने एसएसपी के फर्जी साइन किए थे। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई।
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पुलिस गिरफ्त मे महिला एएसआई।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिसकर्मियों के भविष्य निधि (PF फंड) में 60 लाख रुपये का गबन करने वाली महिला एएसआई को पुलिस ने ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई आरोपी महिला अफसर ने एक हेड कॉन्सटेबल के साथ मिलकर रुपयों की धोखाधड़ी की। आरोपी महिला एएसआई ने एसएसपी के फर्जी साइन कर रुपये स्वीकृत कराए और अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। पुलिस इस मामले में हेड कॉन्स्टेबल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।
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एसएसपी को मिली गड़बड़ी तो सौंपी जांच
जानकारी के मुताबिक, मधुशीला सुरजाल को उसके पति की जगह अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वह एसएसपी ऑफिस में एएसआई के पद पर कार्यरत थी और उसे फंड शाखा का प्रभार दिया गया था। कुछ माह पहले एसएसपी पारुल माथुर ने फंड शाखा की फाइलों की जांच की। इसमें कई जगह गड़बड़ियां मिलीं, जिनमें कांट-छांट की गई थी। इस पर उन्हें संदेह लगा और मामले की जांच डीएसपी हेडक्वार्टर राजेश श्रीवास्त को सौंपकर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
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सिपाही के खाते में जमा कराए 15 लाख 75 हजार
जांच के दौरान पता चला कि एएसआई मधुशीला ने भविष्य निधि खाताधारकों के जमा रुपये से भी अधिक रकम निकाल ली। वहीं सिपाही संजय श्रीवास्तव के जीपीएफ में पर्याप्त रकम नहीं होने के बावजूद उसके बैंक खाते में 15 लाख 75 हजार रुपये जमा करा दिए। जांच में यह भी सामने आया कि इसमें सिपाही संजय की भी मिलीभगत है। दोनों ने मिलकर कर्मचारियों के खाते से 59 लाख 75 हजार रुपये का गबन किया। इसके बाद पुलिस ने सिपाही को गिरफ्तार किया, पर एएसआई फरार हो गई।
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रिश्तेदार के घर छिपी हुई थी
सिविल लाइन टीआई परिवेश तिवारी ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में फर्जीवाड़ा सामने आया था। इसमें हेड कॉन्सटेबल को गिरफ्तार किया गया था। जबकि महिला एएसआई फरार हो गई थी। इसके बाद से ही उसे तलाश कर रहे थे। इस दौरान महिला अफसर के ओडिशा में होने का पता ला। इस पर टीम भेजी गई और ओडिशा के पदमपुर से गिरफ्तार किया गया है। वह वहां पर अपने एक रिश्तेदार के घर छिपी हुई थी।