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छत्तीसगढ़: चर्चों के बाहर क्यों लगाए गए 'केवल ईसाइयों के प्रवेश' वाले बोर्ड?, क्रिश्चियन फोरम ने बताई वजह

Thu, 24 Sep 2026 06:03 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Thu, 24 Sep 2026 06:03 PM IST
सार

30 से 35 चर्चों के बाहर केवल ईसाइयों के प्रवेश संबंधी बोर्ड लगाए जाने का मामला सामने आया है। क्रिश्चियन फोरम ने इसे सुरक्षा से जोड़ा, जबकि प्रशासन ने जमा दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की बात कही है।

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Why are signs outside churches saying "Christians only allowed in"? The Christian Forum explains the reason
धमतरी के कई चर्चों के बाहर लगाए गए प्रवेश संबंधी बोर्ड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित लगभग 30 से 35 चर्चों और प्रार्थना सभा स्थलों के बाहर केवल ईसाइयों के प्रवेश से जुड़े बोर्ड लगाए जाने का मामला सामने आया है। इन स्थलों में धमतरी का लगभग 116 वर्ष पुराना मेनोनाइट चर्च भी शामिल है। इन बोर्डों पर स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि चर्च भवन में प्रार्थना के लिए प्रवेश केवल ईसाइयों के लिए ही है। इस कदम से क्षेत्र में नई बहस छिड़ गई है।
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सुरक्षा कारणों से लगाए गए बोर्ड
धमतरी क्रिश्चियन फोरम के महासचिव डायमंड फिलस ने कहा कि हाल के दिनों में कुछ संगठन चर्चों के भीतर गैर-ईसाइयों के प्रवेश को लेकर लगातार सवाल उठा रहे थे। कई मौकों पर प्रार्थना सभा के दौरान शोर-शराबा और विरोध प्रदर्शन की स्थिति निर्मित हो जाती थी। इस वजह से मसीही समाज की धार्मिक भावनाएं आहत होती थीं। इसी अव्यवस्था और विवाद को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गैर-ईसाइयों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। यदि कोई व्यक्ति श्रद्धाभाव से प्रार्थना में शामिल होना चाहता है, तो वह आ सकता है, परंतु ऐसी स्थिति में उसकी सुरक्षा और उपस्थिति की जिम्मेदारी खुद उसी की होगी।
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कलेक्ट्रेट में जमा दस्तावेज पर सफाई
कलेक्ट्रेट में जमा लगभग 1500 आवेदनों की खबरों पर डायमंड फिलस ने विस्तार से सफाई दी। उन्होंने बताया कि आवक-जावक शाखा में जमा किए गए ये पत्र धर्मांतरण की अनुमति मांगने वाले आवेदन नहीं हैं। ये केवल लोगों द्वारा जमा किए गए स्वेच्छा घोषणा पत्र हैं। इन घोषणा पत्रों के माध्यम से संबंधित व्यक्तियों ने यह बताया है कि वे बिना किसी बाहरी दबाव, भय या प्रलोभन के अपनी मर्जी से प्रार्थना सभाओं में शामिल हो रहे हैं। ये दस्तावेज जिलाधिकारी से किसी प्रकार की वैधानिक स्वीकृति लेने के उद्देश्य से जमा नहीं किए गए हैं।
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लंबित आवेदनों पर प्रशासन की जांच
क्रिश्चियन फोरम ने दावा किया है कि विधिवत प्रक्रिया का पालन करते हुए ईसाई धर्म अपनाने की इच्छा रखने वाले 250 से 300 आवेदन प्रशासन के पास लंबित पड़े हैं। दूसरी तरफ, धमतरी के प्रभारी कलेक्टर और जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने स्पष्ट किया कि उन्हें प्रशासन के पास इतनी बड़ी संख्या में धर्मांतरण के आवेदन आने की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कलेक्ट्रेट में ऐसे दस्तावेज या आवेदन प्राप्त हुए हैं, तो प्रशासन उनकी पूरी निष्पक्षता से जांच कराएगा।
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