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Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ चिड़ियाघर में सफेद बाघ की मौत, कैंसर से पीड़ित था 'किशन'
Thu, 01 Sep 2022 02:51 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, दुर्ग
पीटीआई, दुर्ग
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 01 Sep 2022 02:51 AM IST
सार
अधिकारियों ने बताया कि बाघ को कैंसर हो गया था और उसका इलाज मैत्री बाग के पशु चिकित्सकों तथा दुर्ग जिले के अंजोरा पशु चिकित्सालय के वन्यजीव विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में चल रहा था।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मैत्री बाग चिड़ियाघर में 'किशन' नाम के नौ वर्षीय नर सफेद बाघ की मौत हो गई। वह कैंसर से पीड़ित था। मैत्री बाग के अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी।
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अधिकारियों ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र के मैत्री बाग में मंगलवार को नौ वर्षीय सफेद बाघ किशन की मौत हो गई। वह कैंसर से पीड़ित था। मैत्री बाग का रखरखाव भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) द्वारा किया जाता है। यह देश की सबसे बड़ी स्टील निर्माता स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की एक प्रमुख इकाई है।
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अधिकारियों ने बताया कि बाघ को कैंसर हो गया था और उसका इलाज मैत्री बाग के पशु चिकित्सकों तथा दुर्ग जिले के अंजोरा पशु चिकित्सालय के वन्यजीव विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में चल रहा था। उन्होंने बताया कि मंगलवार को बाघ की मृत्यु के बाद वरिष्ठ वन अधिकारियों की मौजूदगी में उसका पोस्टमार्टम किया गया तथा शाम को उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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अधिकारियों ने बताया कि किशन का जन्म वर्ष 2013 में हुआ था। उसकी मां कमला (बाघिन) की मौत वर्ष 2016 में हो गई थी। उन्होंने बताया कि किशन की मां ने पांच सफेद बाघों को जन्म दिया था, जिसमें से तीन को गुजरात के राजकोट चिड़ियाघर में भेजा गया था।