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बलरामपुर-रामानुजगंज: ग्राम पंचायतों की दीवारों पर वर्षों पुरानी जानकारी, पारदर्शिता की पहल बनी औपचारिकता
Sun, 28 Sep 2025 11:26 AM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर-रामानुजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर-रामानुजगंज
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Sun, 28 Sep 2025 11:26 AM IST
सार
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शासन की योजनाओं और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए ग्राम पंचायत सचिवालयों में जिला और विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक रूप से दीवारों पर अंकित किए गए थे।
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लमोरी पंचायत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शासन की योजनाओं और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए ग्राम पंचायत सचिवालयों में जिला और विकासखंड स्तरीय अधिकारियों के नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक रूप से दीवारों पर अंकित किए गए थे। इस व्यवस्था का मकसद था कि ग्रामीण सीधे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकें। शुरुआत में यह पहल सराहनीय रही, लेकिन अब यह मात्र औपचारिकता बनकर रह गई है।
लमोरी पंचायत का उदाहरण
वाड्रफनगर विकासखंड की ग्राम पंचायत लमोरी इसका स्पष्ट उदाहरण है। पंचायत भवन की दीवार पर अंकित आठ अधिकारियों — कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, सीएमएचओ, एसडीएम, जनपद सीईओ, बीएमओ और तहसीलदार के नाम और मोबाइल नंबर कई वर्षों से अपडेट नहीं किए गए हैं। इनमें से कई अधिकारियों का तबादला हो चुका है, लेकिन उनकी जानकारी अब भी यथावत दर्ज है।
ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि नई जानकारी अंकित करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा, लेकिन पंचायत स्तर पर इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। पुराने नंबर और पदनाम बने रहने से आम नागरिकों को परेशानी और भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ता है। इससे पारदर्शिता की मूल भावना भी प्रभावित होती है।
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जिलेभर में वही हाल
यह समस्या केवल लमोरी तक सीमित नहीं है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कई ग्राम पंचायतों में दीवारों पर अंकित जानकारी वर्षों से अपडेट नहीं हुई है। अब जरूरत है कि जिला प्रशासन इस दिशा में फिर से सक्रियता दिखाए और पंचायतों को अद्यतन जानकारी अंकित कराने के लिए निर्देशित करे, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही की पहल केवल कागजों तक सीमित न रह जाए।
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लमोरी पंचायत का उदाहरण
वाड्रफनगर विकासखंड की ग्राम पंचायत लमोरी इसका स्पष्ट उदाहरण है। पंचायत भवन की दीवार पर अंकित आठ अधिकारियों — कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, सीएमएचओ, एसडीएम, जनपद सीईओ, बीएमओ और तहसीलदार के नाम और मोबाइल नंबर कई वर्षों से अपडेट नहीं किए गए हैं। इनमें से कई अधिकारियों का तबादला हो चुका है, लेकिन उनकी जानकारी अब भी यथावत दर्ज है।
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ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि नई जानकारी अंकित करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा, लेकिन पंचायत स्तर पर इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। पुराने नंबर और पदनाम बने रहने से आम नागरिकों को परेशानी और भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ता है। इससे पारदर्शिता की मूल भावना भी प्रभावित होती है।
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जिलेभर में वही हाल
यह समस्या केवल लमोरी तक सीमित नहीं है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की कई ग्राम पंचायतों में दीवारों पर अंकित जानकारी वर्षों से अपडेट नहीं हुई है। अब जरूरत है कि जिला प्रशासन इस दिशा में फिर से सक्रियता दिखाए और पंचायतों को अद्यतन जानकारी अंकित कराने के लिए निर्देशित करे, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही की पहल केवल कागजों तक सीमित न रह जाए।