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Chhattisgarh: लंपी रोग का प्रदेश में नहीं आया एक भी केस सामने, सीमाओं पर बढ़ाई गई चौकसी
Tue, 20 Sep 2022 11:14 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 20 Sep 2022 11:14 PM IST
सार
बीमारी की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने सीमा पर पशुओं की जांच शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि अभी तक प्रदेश में लंपी रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
गुजरात, राजस्थान समेत कई राज्यों में पशुओं में लंपी रोग सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ सरकार अलर्ट हो गई है। बीमारी की रोकथाम के लिए प्रदेश सरकार ने सीमा पर पशुओं की जांच शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि अभी तक प्रदेश में लंपी रोग का कोई मामला सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य से अन्य प्रदेशों के 18 जिलों की सीमाएं जुड़ी हुई है। जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में दूसरे राज्यों से बीमार पशु आ सकते है। बीमार पशुओं के आने की संभावना को देखते हुए पहले ही निगरानी की जा रही है। सीमावर्ती इलाकों में चेक पोस्ट लगाकर पशुओं की देखरेख की जा रही है। साथ ही गांवों में पशु मेला को प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही लोगों को भी नजर रखने के लिए कहा गया है।
जनसंपर्क अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि अभी तक लंपी रोग का राज्य में एक भी मामला सामने नहीं आया है। ऐसे में सटे राज्यों में लंपी रोग के मामले सामने आने पर प्रदेश सरकार पशुओं को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। ग्रामीण और मैदानी इलाकों में बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक किया जा रहा है। जनसंपर्क अधिकारी का कहना है कि पिछले एक महीने से मैदानी इलाके में पशु चिकित्सों की टीम अलर्ट है। साथ ही पशु पालकों को इस बीमारी से बचाव के बारे में जरुरी टिप्स दिए जा रहे हैं।
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गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य से अन्य प्रदेशों के 18 जिलों की सीमाएं जुड़ी हुई है। जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में दूसरे राज्यों से बीमार पशु आ सकते है। बीमार पशुओं के आने की संभावना को देखते हुए पहले ही निगरानी की जा रही है। सीमावर्ती इलाकों में चेक पोस्ट लगाकर पशुओं की देखरेख की जा रही है। साथ ही गांवों में पशु मेला को प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही लोगों को भी नजर रखने के लिए कहा गया है।
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जनसंपर्क अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि अभी तक लंपी रोग का राज्य में एक भी मामला सामने नहीं आया है। ऐसे में सटे राज्यों में लंपी रोग के मामले सामने आने पर प्रदेश सरकार पशुओं को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। ग्रामीण और मैदानी इलाकों में बीमारी के प्रति लोगों को जागरुक किया जा रहा है। जनसंपर्क अधिकारी का कहना है कि पिछले एक महीने से मैदानी इलाके में पशु चिकित्सों की टीम अलर्ट है। साथ ही पशु पालकों को इस बीमारी से बचाव के बारे में जरुरी टिप्स दिए जा रहे हैं।
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