फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Two year old girl dies due to wrong injection

Ambikapur: गलत इंजेक्शन लगाने से दो साल की बच्ची की मौत, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

Tue, 18 Oct 2022 10:53 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 18 Oct 2022 10:53 PM IST
सार

इंजेक्शन लगाते ही बच्ची की हालत बिगड़ने लगी एवं उसके नाक व मुंह से खून निकलने लगा। इससे घबराए मेडिकल स्टोर के संचालक ने परिजनों को अंबिकापुर जाकर बच्ची का उपचार कराने के लिए कहा और स्वयं निजी वाहन की व्यवस्था कर दी।

विज्ञापन
Two year old girl dies due to wrong injection
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलरामपुर जिले के कुसमी में मेडिकल स्टोर संचालक ने सर्दी-बुखार पीड़ित बालिका को सोमवार की शाम इलाज करने के नाम पर दो इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाते ही बालिका के मुंह व नाक से खून बहने लगा। गंभीर स्थिति में बालिका को परिजनों के साथ निजी वाहन से अंबिकापुर भेज दिया। रास्ते में उसकी मौत हो गई। सरगुजा पुलिस ने मामले में मंगलवार को केस दर्ज कर लिया है। मंगलवार को बच्ची के शव का पोस्टमॉर्टम भी कराया गया है। पुलिस ने मामला दूसरे जिले का होने के कारण डायरी बलरामपुर भेजने के लिए कहा है।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार कुसमी ब्लॉक के नीलकंठपुर निवासी मनोहर राम की दो वर्षीय पुत्री सिमरन 14 अक्टूबर से सर्दी-खासी से पीड़ित थी। परिजन उसे 17 अक्टूबर की दोपहर इलाज के लिए कुसमी स्थित बाबा केजीएन मेडिकल स्टोर ले गए थे। वहां मेडिकल स्टोर में झोला छाप डॉक्टर सेराज ने बच्ची को उपचार के नाम पर दो इंजेक्शन उसके लगा दिए।
विज्ञापन


इंजेक्शन लगाते ही बच्ची की हालत बिगड़ने लगी एवं उसके नाक व मुंह से खून निकलने लगा। इससे घबराए मेडिकल स्टोर के संचालक ने परिजनों को अंबिकापुर जाकर बच्ची का उपचार कराने के लिए कहा और स्वयं निजी वाहन की व्यवस्था कर दी। बालिका को अंबिकापुर लाते समय उसकी राजपुर के पास मौत हो गई। शाम को मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके शव को मर्च्युरी में रखवा दिया गया। मंगलवार को शव का पीएम कराया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि बच्ची को जब तक अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी मौत हो गई थी। ऐसे में उसकी मौत कैसे हुई, इसका पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल चौकी ने शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने परिजनों का बयान दर्ज किया एवं बयान के आधार पर अपराध दर्ज किया है। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन के कारण उनकी बच्ची की जान गई है।

सीएमओ ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सीएमएचओ डॉ. बसंत कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। मेरे द्वारा कुसमी बीएमओ को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है। समय-समय पर झोलाछाप डाक्टरों की जांच की जाती है। वहीं, कुसमी बीएमओ डॉ. राकेश ठाकुर ने कहा कि मेडिकल स्टोर संचालक को इंजेक्शन लगाने का अधिकार है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई होगी।

गलत इंजेक्शन से पहले भी हो चुकी हैं मौतें
गलत इंजेक्शन लगाए जाने से मौत का संभाग में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 4 अगस्त को जशपुर जिला अस्पताल में 22 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। मार्च के महीने में सरगुजा के ग्राम लखनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक 7 साल की बच्ची की मौत हो गई थी। उसके परिजनों ने भी नर्स पर गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed