{"_id":"695ce62124111ed64d0348f1","slug":"two-children-were-tied-up-and-beaten-on-suspicion-of-stealing-peas-2026-01-06","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मटर की चोरी पर 'तालिबानी सजा': दो बच्चों के हाथ-पैर बांधकर पीटा, लोगों में गुस्सा; थाने पहुंचा पीड़ित परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मटर की चोरी पर 'तालिबानी सजा': दो बच्चों के हाथ-पैर बांधकर पीटा, लोगों में गुस्सा; थाने पहुंचा पीड़ित परिवार
Tue, 06 Jan 2026 04:31 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर-रामानुजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर-रामानुजगंज
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 06 Jan 2026 04:31 PM IST
सार
बलरामपुर-रामानुजगंज के राजपुर थाने के लडुवा गांव में बच्चों के हाथ-पैर बांधकर मारपीट का मामला सामने आया है। पिटाई का वीडियो भी वायरल हो रहा है। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने थाने में शिकायत की है। पुलिस वीडियो जांचकर आरोपियों पर कार्रवाई की तैयारी में है।
विज्ञापन
चोरी के आरोप में दो बच्चों को पीटा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लडुवा से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां खेत से मटर तोड़ने के आरोप में गांव के छोटे बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। आरोप है कि बच्चों के हाथ-पैर बांधकर उनके साथ मारपीट की गई और इस दौरान सजा देने का वीडियो भी बनाया गया।
विज्ञापन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव के कुछ बच्चों पर खेत से मटर तोड़ने का आरोप लगाया गया था। इसी बात को लेकर कुछ लोगों ने बच्चों को पकड़कर उनके हाथ और पैर बांध दिए तथा उनके साथ मारपीट की। इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे प्रसारित भी किया गया, जो सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा।
विज्ञापन
घटना से आहत पीड़ित बच्चे के पिता ने राजपुर थाना में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बच्चों के साथ की गई मारपीट और अमानवीय सजा का उल्लेख किया गया है। मामले के सामने आने के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है और लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
राजपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की भी जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
प्रशासन और पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें और कानूनी प्रक्रिया का पालन करें। साथ ही बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।