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CG: पीएम जनमन योजना से संवर रहा है, पहाड़ी कोरवा जनजातियों का भविष्य, आजीविका के नए साधन से होगी आर्थिक उन्नति
Thu, 26 Jun 2025 06:35 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 26 Jun 2025 06:35 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के दूरस्थ वन क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत बकोई के आश्रित ग्राम भेलवाडांड में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति के 16 पहाड़ी कोरवा परिवारों का पक्का मकान बनकर तैयार हो चुका है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड के दूरस्थ वन क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत बकोई के आश्रित ग्राम भेलवाडांड में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति के 16 पहाड़ी कोरवा परिवारों का पक्का मकान बनकर तैयार हो चुका है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत इन सभी परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ मिला है, जिससे उनका जीवन अब अधिक सुरक्षित और स्थिर हुआ है।
पहले ये सभी परिवार जंगलों से लकड़ी, पत्तों और घास के सहारे झोपड़ीनुमा घरों में गुजर-बसर कर रहे थे। बरसात के मौसम में सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का भय बना रहता था। लेकिन अब पक्के मकान में रहने से उन्हें न सिर्फ मौसम की मार से राहत मिली है, बल्कि सुरक्षा और सम्मान का भी अनुभव हो रहा है।
भेलवाडांड ग्राम, उदयपुर जनपद मुख्यालय से 40 किमी और जिला मुख्यालय अंबिकापुर से 80 किमी की दूरी पर स्थित है, वहां इन परिवारों को एक साथ कालोनी रूप में बसाया गया है। स्थानीय परिवेश और संस्कृति के अनुरूप विशेष डिज़ाइन और लेआउट तैयार कर यह कालोनी बनाई गई है, ताकि परिवार अपने समुदाय के बीच सहज महसूस कर सकें।
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प्रत्येक आवास में शौचालय की व्यवस्था की गई है। साथ ही बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। भेलवाड़ाड़ के पहाड़ी कोरवा परिवारों को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सुरक्षा बीमा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, राशन कार्ड, श्रम कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता, महतारी वंदन योजना, नरेगा जॉब कार्ड, आदि योजनाओं से जोड़ा गया है। इसके अलावा, तीन हितग्राहियों को तीन एकड़ में पॉम ऑयल पौधारोपण एवं एक हितग्राही को एक एकड़ में फलदार पौधारोपण हेतु चयनित किया गया है, जिससे उन्हें आजीविका के साधन भी प्राप्त होंगे।
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पहले ये सभी परिवार जंगलों से लकड़ी, पत्तों और घास के सहारे झोपड़ीनुमा घरों में गुजर-बसर कर रहे थे। बरसात के मौसम में सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का भय बना रहता था। लेकिन अब पक्के मकान में रहने से उन्हें न सिर्फ मौसम की मार से राहत मिली है, बल्कि सुरक्षा और सम्मान का भी अनुभव हो रहा है।
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भेलवाडांड ग्राम, उदयपुर जनपद मुख्यालय से 40 किमी और जिला मुख्यालय अंबिकापुर से 80 किमी की दूरी पर स्थित है, वहां इन परिवारों को एक साथ कालोनी रूप में बसाया गया है। स्थानीय परिवेश और संस्कृति के अनुरूप विशेष डिज़ाइन और लेआउट तैयार कर यह कालोनी बनाई गई है, ताकि परिवार अपने समुदाय के बीच सहज महसूस कर सकें।
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प्रत्येक आवास में शौचालय की व्यवस्था की गई है। साथ ही बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। भेलवाड़ाड़ के पहाड़ी कोरवा परिवारों को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, सुरक्षा बीमा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, राशन कार्ड, श्रम कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता, महतारी वंदन योजना, नरेगा जॉब कार्ड, आदि योजनाओं से जोड़ा गया है। इसके अलावा, तीन हितग्राहियों को तीन एकड़ में पॉम ऑयल पौधारोपण एवं एक हितग्राही को एक एकड़ में फलदार पौधारोपण हेतु चयनित किया गया है, जिससे उन्हें आजीविका के साधन भी प्राप्त होंगे।