फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   tense situation rise between two groups over land dispute in Junawahi village

कोंडागांव में जमीन विवाद: कमला नेताम ने खोला मोर्चा, जाने-माने किसान को घेरा; आंदोलन की चेतावनी

Mon, 15 Dec 2025 05:51 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 15 Dec 2025 05:51 PM IST
सार

एक जमीन विवाद ने दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। यह विवाद मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म से जुड़ा है, जिसका संचालन कोंडागांव के जाने-माने किसान डॉ. राजाराम त्रिपाठी कर रहे हैं। ग्रामवासियों का गंभीर आरोप है कि डॉ. त्रिपाठी ने अपनी पट्टे की भूमि के अलावा गांव की शासकीय भूमि पर भी अवैध कब्जा कर लिया है।

विज्ञापन
tense situation rise between two groups over land dispute in Junawahi village
जमीन विवाद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोंडागांव जिले के घोड़ागांव से सटे ग्राम जुनावाही में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई है। विवाद मां दंतेश्वरी हर्बल फार्म से जुड़ा है, जिसे कोंडागांव के उन्नत किसान डॉ. राजाराम त्रिपाठी द्वारा संचालित किया जा रहा है। ग्रामवासियों का आरोप है कि डॉ. त्रिपाठी ने अपने नाम दर्ज पट्टे की भूमि के अलावा गांव की शासकीय जमीन पर भी बेजा कब्जा कर रखा है, जिस पर ग्राम समुदाय का अधिकार है।

विज्ञापन


ग्रामीणों की शिकायत पर मौके पर राजस्व निरीक्षक (आरआई) और पटवारी पहुंचे तथा सीमांकन किया गया। सीमांकन के दौरान डॉ. राजाराम त्रिपाठी की पट्टे की भूमि की सीमा तो स्पष्ट कर दी गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार कथित रूप से कब्जाई गई शासकीय भूमि को खाली नहीं कराया गया। इससे गांव में असंतोष और बढ़ गया है।
विज्ञापन


ग्राम जुनावाही की निवासी कमला नेताम ने बताया कि उन्होंने कई बार तहसील कार्यालय में आवेदन देकर शासकीय भूमि से कब्जा हटाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कमला नेताम का कहना है कि यदि डॉ. त्रिपाठी के पास वैध पट्टा है तो वे उसी भूमि पर अपने कृषक समूहों के माध्यम से खेती करें, गांव की शासकीय जमीन पर कब्जा करने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कमला नेताम ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया, तो उनके खिलाफ भानपुरी थाना में एफआईआर के लिए आवेदन दिया गया, जबकि आरोप सीधे तौर पर डॉ. राजाराम त्रिपाठी पर लगाए गए थे। उनका कहना है कि अब एक समूह की सदस्य दसमती नेताम सामने आकर यह दावा कर रही हैं कि जमीन पर कब्जा उन्होंने किया है, जो पूरे मामले को और संदिग्ध बनाता है।


ग्रामीणों का आरोप है कि आरआई और पटवारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कितनी शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा है। कमला नेताम ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामवासी उग्र आंदोलन करेंगे और अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed