{"_id":"683b3edd57765afa9d0ec556","slug":"tax-evasion-in-cg-officers-were-shocked-when-department-raided-2025-05-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"CG: कर चोरी पर जीएसटी की बड़ी कार्रवाई; विभाग ने मारा छापा तो उड़े अफसरों के होश; व्यवसायी ने ऐसे किया घपला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
CG: कर चोरी पर जीएसटी की बड़ी कार्रवाई; विभाग ने मारा छापा तो उड़े अफसरों के होश; व्यवसायी ने ऐसे किया घपला
Sat, 31 May 2025 11:09 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sat, 31 May 2025 11:09 PM IST
सार
GST Raid in Ambikapur: स्टेट जीएसटी विभाग ने अंबिकापुर में मेसर्स बंसल ट्रेडिंग कार्पोरेशन पर बड़ी कार्रवाई की है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
GST Raid in Ambikapur: स्टेट जीएसटी विभाग ने अंबिकापुर में मेसर्स बंसल ट्रेडिंग कार्पोरेशन पर बड़ी कार्रवाई की है। भारत सरकार की ओर से संचालित जीएसटी पोर्टल के अनुसार इनका रिस्क स्कोर 10 आ रहा था। जब मौके पर जांच टीम पहुंची तो, देखा कि उनके व्यवसाय स्थल पर व्यवसाय से संबंधित कोई भी लेखा पुस्तक या कोई भी सॉफ्टवेयर जैसे कि टैली का संधारण नहीं पाया गया। जांच में पाया गया कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग रू. 158 करोड़ से अधिक है, लेकिन उस पर कर का नगद भुगतान जीरो है।
वहीं जब ई-वे बिल की जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2023-24 में माल की खरीदी 29.50 करोड़ की गई लेकिन माल की सप्लाई महज 50 लाख रुपये की ही की गई, जिससे यह पता चलता है कि माल का विक्रय आम उपभोक्ता को किया गया है, लेकिन बिल को अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का लाभ दिया गया है, जिससे कि केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार को कर राजस्व की अत्यधिक हानि हुई है। जांच के दौरान व्यवसायी की ओर से अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से रू. 40 लाख कर भुगतान करने की मंशा जताई। जीएसटी विभाग के अधिकारियों नें व्यवसायी से लेखा पुस्तक एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की। व्यवसायी की ओर से अभी तक कोई भी जानकारी एवं दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है।
इसके साथ ही 30 और 31 मई को को मेसर्स लक्ष्मी ट्रेडर्स, अंबिकापुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग अंबिकापुर द्वारा जांच की कार्यवाही की गई है। इनके यहां जांच में पाया गया कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग रू. 96 करोड़ से अधिक है लेकिन उस पर कर का नगद भुगतान नगण्य किया गया है। साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो ज्ञात हुआ कि वर्ष 2023-24 में माल की खरीदी 11 करोड़ की गई किंतु माल की सप्लाई मात्र रू. 7 करोड़ की ही की गई है। जांच के दौरान व्यवसायी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से 17.55 लाख कर भुगतान कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं जब ई-वे बिल की जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2023-24 में माल की खरीदी 29.50 करोड़ की गई लेकिन माल की सप्लाई महज 50 लाख रुपये की ही की गई, जिससे यह पता चलता है कि माल का विक्रय आम उपभोक्ता को किया गया है, लेकिन बिल को अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का लाभ दिया गया है, जिससे कि केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार को कर राजस्व की अत्यधिक हानि हुई है। जांच के दौरान व्यवसायी की ओर से अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से रू. 40 लाख कर भुगतान करने की मंशा जताई। जीएसटी विभाग के अधिकारियों नें व्यवसायी से लेखा पुस्तक एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की। व्यवसायी की ओर से अभी तक कोई भी जानकारी एवं दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है।
विज्ञापन
इसके साथ ही 30 और 31 मई को को मेसर्स लक्ष्मी ट्रेडर्स, अंबिकापुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग अंबिकापुर द्वारा जांच की कार्यवाही की गई है। इनके यहां जांच में पाया गया कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग रू. 96 करोड़ से अधिक है लेकिन उस पर कर का नगद भुगतान नगण्य किया गया है। साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो ज्ञात हुआ कि वर्ष 2023-24 में माल की खरीदी 11 करोड़ की गई किंतु माल की सप्लाई मात्र रू. 7 करोड़ की ही की गई है। जांच के दौरान व्यवसायी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से 17.55 लाख कर भुगतान कर दिया गया है।
विज्ञापन