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अंदर गृहमंत्री घायलों से मिलते रहे, बाहर दिल की मरीज ने तोड़ा दम
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 01 Jun 2013 02:31 PM IST
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नक्सली हमने के छह दिन बाद केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे छत्तीसगढ़ पहुंचे।
उनके पहुंचने के कुछ समय बाद उस समय हंगामा मच गया जब वे अस्पतालों में घायलों से मुलाकात कर रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, हॉस्पिटल में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने दिल की मरीज एक महिला को हॉस्पिटल कैंपस में नहीं जाने दिया जिसकी वजह से मेन गेट के बाहर ही उसकी मौत हो गई।
सूत्रों ने बताया कि एक महिला को दिल का दौरा पड़ने के बाद रामकृष्ण हॉस्पिटल में लाया गया था, लेकिन मैनेजमेंट की ओर से तैनात सुरक्षाकर्मियों ने मेन गेट से ही उसे भगा दिया।
बताया जाता है कि उस वक्त शिंदे हॉस्पिटल के भीतर नक्सली हमले में घायल लोगों का हालचाल पूछ रहे थे।
परिजनों के अनुसार, उन्होंने हॉस्पिटल मैनेजमेंट से इलाज के लिए अंदर जाने की इजाजत मांगी लेकिन सुरक्षा का हवाला देकर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया जिसकी वजह से मेन गेट पर ही महिला की मौत हो गई।
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दूसरी ओर, हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
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उनके पहुंचने के कुछ समय बाद उस समय हंगामा मच गया जब वे अस्पतालों में घायलों से मुलाकात कर रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, हॉस्पिटल में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने दिल की मरीज एक महिला को हॉस्पिटल कैंपस में नहीं जाने दिया जिसकी वजह से मेन गेट के बाहर ही उसकी मौत हो गई।
सूत्रों ने बताया कि एक महिला को दिल का दौरा पड़ने के बाद रामकृष्ण हॉस्पिटल में लाया गया था, लेकिन मैनेजमेंट की ओर से तैनात सुरक्षाकर्मियों ने मेन गेट से ही उसे भगा दिया।
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बताया जाता है कि उस वक्त शिंदे हॉस्पिटल के भीतर नक्सली हमले में घायल लोगों का हालचाल पूछ रहे थे।
परिजनों के अनुसार, उन्होंने हॉस्पिटल मैनेजमेंट से इलाज के लिए अंदर जाने की इजाजत मांगी लेकिन सुरक्षा का हवाला देकर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया जिसकी वजह से मेन गेट पर ही महिला की मौत हो गई।
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दूसरी ओर, हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।