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'वसूली का अड्डा बना बिजली विभाग': सुशील आनंद बोले- ये उपभोक्ताओं से लूट, कोयले का अतिरिक्त प्रभार भी वसूल रहे
Thu, 15 Oct 2026 08:19 AM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Thu, 15 Oct 2026 08:19 AM IST
सार
छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बिजली बिल के साथ ही कोयले की कीमत का अतिरिक्त प्रभार भी उपभोक्ताओं से ले रही है। अक्टूबर में प्रति उपभोक्ता से 300 रुपये से लेकर एक हजार तक का अतिरिक्त प्रभार सरकार ने लगाया गया है।
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
छत्तीसगढ़ कांग्रेस संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार बिजली बिल के साथ ही कोयले की कीमत का अतिरिक्त प्रभार भी उपभोक्ताओं से ले रही है। अक्टूबर में प्रति उपभोक्ता से 300 रुपये से लेकर एक हजार तक का अतिरिक्त प्रभार सरकार ने लगाया गया है। यह प्रभाव शुल्क बिजली बिल के अलावा उपभोक्ताओं को अतिरिक्त भेजा गया है।
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उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के ऑनलाइन बिजली बिल पटाया और कोयला प्रभार शुल्क नहीं पटाया, उनकी बिजली काट दी जा रही है। भाजपा सरकार ने बिजली विभाग को जबरिया वसूली का विभाग बना लिया है। इस साल अक्टूबर में जिनका बिजली बिल पटाने की नियत तारीख नहीं आई है। उनका भी पिछला प्रभार बकाया बता कर विद्युत कनेक्शन काट दिया जा रहा है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं, उन्हें समझ ही नहीं आ रहा कि बिजली क्यों काटी गयी है।
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'बिजली विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को लूटना'
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष शुक्ला ने कहा कि बिजली विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को लूटना है। बिजली आवश्यक जरूरत बन गयी है। उसका फायदा सरकार और बिजली विभाग उठा रहा, कभी अनुबंध भार से ज्यादा खपत बताकर दंड वसूला जा रहा तो कभी सेस लगाकर, कभी कोयले का अतिरिक्त प्रभार लगाकर वसूली की जा रही। भाजपा सरकार के राज में आम आदमी बिजली के बिल के कारण परेशान हो गया है।
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लगातार पांचवीं बार बढ़े बिजली के दाम
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवीं बार बिजली के दाम बढ़ाये गये हैं। भाजपा सरकार ने इसी साल जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे तथा गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोतरी किया है। कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की बढ़ोतरी की गयी है। बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बने हुये है। हाल ही में भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में बढ़ोतरी किया था। भाजपा की सरकार आने के बाद अभी तक 31.23 प्रतिशत बिजली के दाम बढ़ाये गये है। कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में किया था, उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी। भाजपा से सरकार नहीं संभल नही रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम करती है।