फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Supreme Court dismisses Chhattisgarh government's petitions challenging Anil Tuteja's bail

सीजी: सुप्रीम कोर्ट में अनिल टुटेजा की जमानत के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार की याचिकाएं खारिज

Thu, 29 Oct 2026 07:38 PM IST
अमन कोशले आईएएनएस
आईएएनएस Published by: अमन कोशले Updated Thu, 29 Oct 2026 07:38 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने कथित शराब और कस्टम राइस मिलिंग घोटाले में अनिल टुटेजा को मिली जमानत को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिकाओं का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जमानत का दुरुपयोग होने पर सरकार हाई कोर्ट में इसे रद्द कराने की मांग कर सकती है।

विज्ञापन
Supreme Court dismisses Chhattisgarh government's petitions challenging Anil Tuteja's bail
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ सरकार की उन याचिकाओं का निपटारा कर दिया, जिनमें कथित शराब घोटाले और कस्टम राइस मिलिंग घोटाले के मामलों में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को मिली जमानत को चुनौती दी गई थी। साथ ही, कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि अगर अनिल टुटेजा अपनी जमानत का दुरुपयोग करते पाए जाते हैं, तो राज्य सरकार उनकी जमानत रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है।
विज्ञापन


भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल थे, ने कहा कि यदि जमानत की सुविधा का कोई दुरुपयोग होता है, तो इस बात को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के संज्ञान में लाया जा सकता है ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान, सीजेआई सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने टिप्पणी की, यदि जमानत की सुविधा का कोई दुरुपयोग होता है, तो आप जमानत को तुरंत रद्द कराने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि टुटेजा को जमानत देते समय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा की गई टिप्पणियां केवल उनकी जमानत याचिकाओं पर विचार करने तक ही सीमित थीं। इन टिप्पणियों का ट्रायल कोर्ट (निचली अदालत) द्वारा मामले के गुण-दोष के आधार पर फैसला सुनाए जाने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, उच्च न्यायालय के निष्कर्ष केवल जमानत देने के सीमित उद्देश्य के लिए हैं। ट्रायल कोर्ट इन टिप्पणियों से प्रभावित नहीं होगा। अदालत ने आगे कहा कि यदि जमानत के दुरुपयोग का कोई मामला सामने आता है, तो राज्य सरकार कानून के अनुसार उच्च न्यायालय में जाकर इस राहत (जमानत) को रद्द कराने की मांग कर सकती है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने दो मामलों में टुटेजा को नियमित जमानत देने के उच्च न्यायालय के आदेशों को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इन विशेष अनुमति याचिकाओं (एसएलपी) को खारिज कर दिया, लेकिन साथ ही राज्य सरकार को यह अधिकार सुरक्षित रखा कि यदि जमानत की शर्तों का उल्लंघन होता है या सुविधा का दुरुपयोग किया जाता है, तो वह जमानत रद्द कराने की मांग कर सकती है।

'कस्टम राइस मिलिंग' घोटाले के कथित मामले में, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने 13 जनवरी 2026 को  टुटेजा को नियमित जमानत दी थी। यह मामला इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू)/एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।

यह मामला छत्तीसगढ़ में राइस मिलरों से 'कस्टम मिलिंग' के लिए प्रोत्साहन के नाम पर अवैध वसूली करने के आरोपों से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष का दावा था कि यह वसूली एक बड़ी साजिश का हिस्सा थी, जिसमें सरकारी अधिकारी और निजी व्यक्ति शामिल थे, जबकि टुटेजा ने इन आरोपों से इनकार किया है।

जमानत देते समय, न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की एकल पीठ ने टुटेजा द्वारा जेल में बिताई गई अवधि, जांच के चरण, सबूतों की प्रकृति और मुकदमे के लंबा खिंचने की संभावना को ध्यान में रखा था। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी दर्ज किया कि अभियोजन पक्ष ने टुटेजा पर मुकदमा चलाने के लिए जरूरी मंजूरी नहीं ली थी, जिस वजह से ट्रायल कोर्ट उनके खिलाफ लगे आरोपों पर संज्ञान नहीं ले सका। 


कोर्ट ने कहा कि केवल आरोपों की गंभीरता के आधार पर किसी को लंबे समय तक जेल में नहीं रखा जा सकता, खासकर तब जब ट्रायल के उचित समय के भीतर पूरा होने की संभावना न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed