फ्रिज में रखे डेढ़ लाख रुपए बने मौत की वजह
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छत्तीसगढ़ में 2004 में हुए चेर हत्याकांड के आरोपी सोनू सरदार की फांसी की सजा पर रोक लग गई है। इससे पहले बैकुंठपुर की अदालत ने सोनू सरदार का डेथ वारंट भी जारी कर दिया था।
सीजीखबर के मुताबिक इसके बाद सोनू को किसी भी समय फांसी दी जा सकती थी। रायपुर जेल में फांसी की तैयारी भी शुरु हो गई थी। फिलहाल सोनू की फांसी पर रोक लग गई है।
बैकुंठपुर के इस बहुचर्तित मामले में सोनू सरदार को फांसी की सजा सुनाई गई थी। सोनू सरदार समेत 5 लोगों पर 26 नवंबर 2004 को बैकुंठपुर में कबाड़ का व्यापार करने वाले शमीम अख्तर, शमीम की पत्नी रुखसाना, बेटी रानो (5), बेटे याकूब (3) और पांच माह की एक बेटी की हत्या कर का आरोप था।
एक आरोपी अब भी फरार
हत्या के कुछ दिनों बाद चार आरोपी पकड़े गए लेकिन एक आरोपी अभी भी फरार है। इस मामले में 2008 में निचली अदालत ने सभी को फांसी की सजा दी थी। इसके बाद 2010 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सभी की फांसी की सजा को बरकरार रखा।
बाद में 23 फरवरी 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने चार लोगों की मौत की सजा आजीवन कारावास में बदल दी, लेकिन सोनू सरदार की फांसी की सजा बरकरार रखी। इसके बाद सोनू ने राष्ट्रपति के समक्ष याचिका लगाई थी, जिसे राष्ट्रपति ने खारिज कर दी। भारत सरकार ने 8 मई को सोनू की मौत के फरमान पर मुहर लगाई।
सोनू सरदार को बचाने की अंतिम कोशिश के तहत पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट में फिर से याचिका लगाई गई थी। गुरुवार को इस मामले में बैकुंठपुर की अदालत ने सोनू सरदार की फांसी की सजा के लिये डेथ वारंट जारी कर दिया।
फ्रिज में छुपाए पैसे
यह था पूरा मामला
शहर से महज 5 किमी दूर चेर में कबाड़ का घंधा करने वाला व्यवसायी शमीम अख्तर 26 नवंबर 2004 को रायपुर से 1 लाख 75 हजार रूपए का कबाड़ बेचकर अपने घर वापस आया।
उसने बैंक में छुट्टी होने की वजह से उसने पैसे फ्रिज में छिपा कर रख दिए। उसी दिन शाम लगभग 6 बजे सोनू सरदार 5 लोगो के साथ कबाड़ बेचने शमीम के घर पर आया।
जहां उसने बातों-बातों में पता लगा लिया कि शमीम रायपुर से कबाड़ बेचकर आया है और उसके पास लाखो रूपए की नगदी घर पर ही मौजूद है। लगभग एक घण्टे बाद आरोपी सोनू सरदार अपने भाई अजय उर्फ फोटू व अन्य 3 आरोपियो के साथ दुबारा शमीम अख्तर के घर पर पहुंचा।
दरवाजा खटखटा कर कबाड़ के संबंध में बात कर शमीम को बुलवाया। शमीम के आते ही आरोपियो ने शमीम की गर्दन पर छुरा अड़ा दिया व पैसो की मांग करने लगे।
6 लोगों की हत्या
आवाज सुनकर शमीम का ड्राइवर असगर अली वहां आ गया तो आरोपियों ने उसे भी पकड़ लिया। हल्ला सुनकर खाना बना रही शमीम अख्तर की पत्नी रूकसाना बीबी किचन से निकल कर आई तो आरोपियों ने उसे भी पकड़ लिया।
इसके बाद आरोपियों ने चाकू व सब्बल से वार कर कबाड़ व्यवसायी शमीम अख्तर (40), उसकी पत्नी रूकसाना बीबी (36), ड्राइवर असगर अली (38), पुत्री राना (07), पुत्र याकूब (3) और पांच माह की एक बेटी की हत्या कर दी और सारी रकम लूट ली।
घटना के वक्त रजाई ओढ़ कर सो रही शमीम की पुत्री आसना (05) बच गई। एक अन्य पुत्री शबाना (09) अपने भाई याकूत (02) के साथ घर के पीछे आग ताप रही थी।
पुलिस को दी जानकारी
आरोपियों को अपने पिता व मां को मारते देख शबाना ने अपने भाई याकूत को ले कर भाग कर गांव के ही रामलाल को घटना की सारी जानकारी दी। रात भर शबाना याकूत के साथ रामलाल के घर पर ही रही।
सुबह लगभग 4-5 बजे जब रामलाल शबाना के साथ शमीम अख्तर के घर पहुंचा तो वहां पांचों के शव मिले व पुत्री आसना रो रही थी। इसके बाद रामलाल ने शबाना के साथ थाने पहुंच कर पुलिस को सारी जानकारी दी।
इस मामले मे पुलिस ने आरोपियो के खिलाफ भादवि की धारा 147,148,149,450,302,324 के अंतर्गत मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी सोनू सरदार व अजय उर्फ फोटू को गिरफ्तार कर लिया था।