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छत्तीसगढ़: पुलिस कैंप के विरोध में ग्रामीण, एसपी ने कहा- नक्सलियों के इशारे पर प्रदर्शन
Wed, 13 Nov 2019 12:55 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दंतेवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दंतेवाड़ा
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 13 Nov 2019 12:55 PM IST
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प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : ANI
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दंतेवाड़ा जिले के पोटाली में पुलिस कैंप के विरोध में चल रहा आंदोलन मंगलवार को अचानक हिंसक हो उठा। लोग इस कदर हिंसक हुए कि हालात को काबू करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। बस्तर में किरंदुल में 1975 के गोलीकांड के बाद यह पहला मौका था जब पुलिस को हालात काबू में करने के लिए फायरिंग करनी पड़ी।
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दूसरी ओर दंतेवाड़ा एसपी ने आंदोलन को लेकर कहाकि ग्रामीण यहां नक्सलियों के कहने पर आंदोलन कर रहे है। एसपी ने बताया कि पोटाली व इसके पास की चार-पांच पंचायतों में नक्सलियों ने अपना ठिकाना बनाया हुआ है। पुलिस कैंप खुलने के बाद नक्सलियों को इलाका छोड़ना पड़ेगा। इस कारण नक्सलियों द्वारा ग्रामीणों को आंदोलन करने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि पोटाली में कैंप के अलावा, बुरगुम, नहाड़ी, गुमियापाल, रेवाली में भी चार नए कैंप खोले जाएंगे।
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सूत्रों के अनुसार पोटाली कैंप का विरोध आदिवासी शुरू से ही कर रहे हैं लेकिन सोमवार को कैंप में जवानों की तैनाती की गई जिससे आदिवासियों ने आंदोलन को तेज कर दिया। सोमवार को आंदोलन कर रहे लोग कैंप के सामने डटे रहे। इसके बाद मंगलवार को भी हालात ऐसे ही बने रहे।
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इसी बीच दंतेवाड़ा के एसपी अभिषेक पल्लव और जिलाधिकारी टोपेश्वर वर्मा भी यहां पहुंचे। इसी दौरान जिलाधिकारी ने विरोध-प्रदर्शन करने वाले लोगों से बातचीत की और उन्हें समझाया।
2007 के बाद यहां नहीं पहुंच पाया प्रशासन
इधर पोटाली को सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित इलाका माना जाता है। इस इलाके में वर्ष 2007 के बाद से शासन-प्रशासन भी नहीं पहुंच पाया है और क्षेत्र में सरकारी योजनाएं भी दम तोड़ चुकी हैं। यही नहीं इस इलाके में नक्सलियों के वर्चस्व को इस बात से समझा जा सकता है कि नक्सलियों ने 12 साल पहले पोटाली, नहाड़ी और बुरगुम के आश्रमों को तोड़कर अरनपुर से पोटाली तक जाने वाली सड़क को ही बंद कर दिया था।
एसपी बोले- नजूल की जमीन पर खुला है कैंप
प्रदर्शन को लेकर जब गांव वालों से पूछा गया तो उनका कहना है कि पुलिस कैंप को गांव की जमीन पर खोला जा रहा है, इसलिए इसका विरोध किया जा रहा है। जबकि एसपी अभिषेक पल्लव ने साफ कहा है कि जिस स्थान पर कैंप खोला गया है वह नजूल की जमीन है और इस पर किसी का मालिकाना हक या कब्जे जैसी बात नहीं है।