CG: सरगुजा की केवरी पंचायत में 1 सितंबर से पूर्ण शराबबंदी लागू, उल्लंघन पर लगेगा 5,000 रुपये तक जुर्माना
सरगुजा की केवरी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने आमराय से 1 सितंबर से पूर्ण शराबबंदी लागू करने का फैसला किया है। शराब निर्माण, बिक्री और सेवन पर रोक रहेगी। उल्लंघन पर जुर्माना लगाया जाएगा। महिलाओं ने जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
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सरगुजा जिले की केवरी ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने आमराय से पूर्ण शराबबंदी लागू करने का फैसला किया है। यह निर्णय 1 सितंबर से संपूर्ण पंचायत क्षेत्र में प्रभावी हो जाएगा। गांव की पंचायत और स्थानीय निवासियों ने एक बैठक करके शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर पूर्ण रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया। इस फैसले को प्रभावी ढंग से लागू करने के मकसद से ग्रामीणों ने 31 अगस्त तक जागरूकता अभियान चलाया। अभियान में महिलाओं की भागीदारी सबसे प्रमुख रूप से दिखाई दे रही है, जो घर-घर जाकर लोगों को शराब से होने वाले नुकसान के प्रति सचेत कर रही हैं।
शराबबंदी निगरानी समिति का गठन
पंचायत प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर शराबबंदी के नियमों की कड़ी निगरानी के लिए ग्राम सुधार समिति बनाई है। इस समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी पूर्व सरपंच के पति कुंतेय कुमार सिंह को सौंपी गई है। समिति के सदस्य गांव के कोने-कोने में नजर रखेंगे ताकि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन न कर सके। यदि कोई व्यक्ति शराबबंदी के तय नियमों को तोड़ता है, तो ग्राम सुधार समिति और समस्त ग्रामीण मिलकर उसका सामाजिक बहिष्कार करेंगे। इसके अतिरिक्त, दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पर सामूहिक रूप से कड़े आर्थिक दंड का प्रावधान भी लागू किया गया है।
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उल्लंघन पर आर्थिक दंड के प्रावधान
ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से तय किया गया है कि गांव में शराब बनाने अथवा उसकी बिक्री करने वाले व्यक्ति पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। शराब का सेवन करते हुए पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति को 1,500 रुपये का अर्थदंड चुकाना पड़ेगा। यदि कोई व्यक्ति मदिरापान करके विवाद या झगड़ा करता है, तो उससे 3,000 रुपये वसूले जाएंगे। बाहरी क्षेत्रों से शराब पीकर गांव में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों पर भी 3,000 रुपये के जुर्माने का नियम लागू होगा। पंचायत का मानना है कि इन नियमों से सामाजिक वातावरण में सुधार आएगा।
आगे आकर संकल्प लेना सराहनीय
केवरी पंचायत के सरपंच मैनेजर सिंह ने बताया कि शराब समाज में होने वाली तमाम बुराइयों और आपसी विवादों की मुख्य वजह है। इससे युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। इसी कारण पूरे गांव ने एकजुट होकर रैलियां निकालकर जागरूकता फैलाने और शराब पूरी तरह बंद कराने की पहल की है। दूसरी ओर, लखनपुर जनपद पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी खुशबू शास्त्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से मदिरा निर्माण में कुछ छूट रहती है। इसके बावजूद यदि ग्रामीण स्वयं आगे आकर शराबबंदी का संकल्प ले रहे हैं, तो यह कदम सराहनीय और स्वागत योग्य है।