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छत्तीसगढ़: एसीबी के पूर्व चीफ जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज, हो सकती है गिरफ्तारी

Fri, 09 Jul 2021 10:35 AM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, रायपुुर
पीटीआई, रायपुुर Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 09 Jul 2021 10:35 AM IST
सार

छापे के दौरान जीपी के घर से कुछ चिट्ठियां मिली थीं, जिसमें सरकार के खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप है।

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Sedition case registered against former ACB Chief GP Singh in connection with ACB raids at 15 locations
एसीबी के पूर्व चीफ जीपी सिंह(फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के पूर्व चीफ जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। छापे के दौरान जीपी के घर से कुछ चिट्ठियां मिली थीं, जिसमें सरकार के खिलाफ षड्यंत्र रचने का आरोप है। वहीं पूछताछ के बाद गिरफ्तारी भी हो सकती है।

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बता दें कि राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने निलंबित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जीपी सिंह और उसके निकट संबंधियों के ठिकानों पर पिछले दिनों छापा मारकर लगभग 10 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का पता लगाया था। इस कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने सिंह को निलंबित कर दिया था।
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रायपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव ने शुक्रवार को बताया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के एक पत्र के आधार पर कोतवाली थाने की पुलिस ने राज्य के निलंबित अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुरजिंदर पाल सिंह उर्फ जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया।
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यादव ने बताया कि एसीबी ने एक पत्र लिखकर पुलिस को जानकारी दी थी कि सिंह के निवास स्थल की तलाशी के दौरान घर के पिछले हिस्से में कुछ कागजों के फटे हुए टुकड़े मिले थे। जब इन टुकड़ों को मिलाकर कर (री-अरेंज कर) देखा गया, तो कुछ गंभीर और संवेदनशील तथ्यों की जानकारी मिली।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि एसीबी के अनुसार इन कागजों में प्रतिष्ठित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के संबंध में अनर्गल एवं आपत्तिजनक टिप्पणियां है तथा षड्यंत्रकारी योजनाओं के बारे में लिखा गया है। इनमें राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों/उम्मीदवारों के संबंध में गोपनीय जानकारी है तथा उस क्षेत्र से संबंधित गंभीर मुद्दों पर टिप्पणियां की गई हैं। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं, नीतियों तथा सामाजिक, धार्मिक मुद्दों पर गंभीर टिप्पणियां भी की गई हैं। इस तरह की भड़काऊ बातें लिखी गई है कि जिनसे सरकार के प्रति घृणा, असंतोष उत्पन्न हो। इसके अतिरिक्त विभिन्न धर्म मूल वंशों के संबंध में भी आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं।

यादव ने बताया कि एसीबी के अनुसार सिंह के करीबी मित्र एवं सहयोगी मणि भूषण के निवास की भी तलाशी ली गई और वहां से एक लिफाफे में निर्वाचित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शासन की नीति, योजनाओं के खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए। भूषण रायपुर का निवासी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसीबी के पत्र के आधार पर पुलिस ने सिंह के खिलाफ राजद्रोह और भारतीय दंड संहिता की धारा 153-क के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।


गौरतलब है कि एसीबी ने भारतीय पुलिस सेवा के 1994 बैच के अधिकारी जीपी सिंह और उनके निकट संबंधियों के ठिकानों पर इस महीने की एक से तीन तारीख के बीच छापे मारे थे। इस दौरान सिंह और उनके संबंधियों की लगभग 10 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति की जानकारी मिली थी। एसीबी की कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने सिंह को निलंबित कर दिया था।

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