फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   RTI report regarding school admission has revealed forgery

Gariaband News: एडमिशन के नाम पर हुआ फर्जीवाड़ा, RTI रिपोर्ट से सामने आई सच्चाई

Mon, 12 Jun 2023 09:18 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, गरियाबंद
अमर उजाला नेटवर्क, गरियाबंद Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 12 Jun 2023 09:18 PM IST
सार

स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम रामबिसाल पाण्डे स्कूल में एडमिशन का फर्जी जाल रचकर स्कूल को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। आरटीआई कार्यकर्ता के द्वारा भेजी गई बंद लिफाफा रिपोर्ट मिली है। इस आरटीआई में जालसाजी का फर्दाफाश हुआ है। 

विज्ञापन
RTI report regarding school admission has revealed forgery
स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम रामबिसाल पाण्डे स्कूल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजिम में जालसाजी कर कुछ लोग स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम रामबिसाल पाण्डे स्कूल में एडमिशन का फर्जी जाल रचकर स्कूल को बदनाम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्टर को आरटीआई कार्यकर्ता के द्वारा भेजी गई बंद लिफाफा रिपोर्ट मिली है। इस आरटीआई में जालसाजी का फर्दाफाश हुआ है। 

विज्ञापन

दरअसल, स्कूल में पांच बच्चों के फर्जी अंक सूची और ट्रान्सफर सर्टिफिकेट बनाकर एडमिशन किया गया है। जो पिछले एक साल से पढ़ रहे हैं। इस मामले में स्कूल में पढ़ रहे बच्चे के पालक नीलम साहू, एक पालक जोकि पेशे से सरकारी टीचर हैं। जौंदा निवासी राजेन्द्र साहू और टेका निवासी पवन साहू का नाम सामने आया है। बच्चों के एडमिशन के लिए आरंग के एक निजी स्कूल का नाम उपयोग कर घर में बैठकर फर्जी अंकसूची और टीसी बनाया गया। जबकि उस स्कूल से दूर-दूर तक कोई वास्ता नही है। ना ही बच्चे कभी वहां पढ़े हैं। न ही वह सर्टिफिकेट उस स्कूल का है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

चौकाने वाली बात यह है कि इस मामले में पालकों ने बताया कि इसकी जानकारी अक्टूबर माह में प्राचार्य संजय एक्का को थी। लेकिन उन्होंने कोई कार्यवाई नहीं की। बात मीडिया में आने के बाद आननफानन में कार्रवाई की बात कह कर जांच समिति गठित की गई। वहीं इस जालसाजी की खबर मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी डी. एस. चौहान ने हल्के भाषा में कार्रवाई करने की बात कही है। 

विज्ञापन

कुछ लोग आत्मानंद को बदनाम कर जालसाजी रचे थे। लेकिन बंद लिफाफा ने जालसाजी का भांडाफोड़ कर रख दिया है। आखिरकार पालकों की गलती का खामियाजा बच्चे क्यों भुगते और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदार कौन लेगा। आखिरकार बच्चों के भविष्य का क्या होगा। जो अब पिछली कक्षा उत्तीर्ण कर अगली कक्षा में आ चुके हैं। स्कूल खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed