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CG: एग्रीस्टैक परियोजना के तहत DCS ऐप के माध्यम से किया जाएगा रियल टाइम फसल सर्वेक्षण, मिलेंगे रोजगार के अवसर
Thu, 24 Jul 2025 11:29 AM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 24 Jul 2025 11:29 AM IST
सार
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण को लेकर सरगुजा जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
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डिजिटल फसल सर्वेक्षण के लिए राजस्व अमले को प्रशिक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत डिजिटल फसल सर्वेक्षण को लेकर सरगुजा जिले में राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। इस पहल का उद्देश्य त्रुटिरहित फसल गिरदावरी सुनिश्चित करते हुए युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है।
प्रशिक्षण का पहला चरण 3 जुलाई 2025 को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों को सैद्धांतिक जानकारी दी गई। इसके पश्चात 23 जुलाई 2025 को ग्राम सरगवां में डीसीएस (डिजिटल क्रॉप सर्वे) ऐप के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण संपन्न हुआ। इस दौरान पटवारी, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार सहित राजस्व अमले ने खेतों में जाकर फसल सर्वेक्षण की वास्तविक प्रक्रिया का अभ्यास किया।
यह डिजिटल सर्वेक्षण डीसीएस ऐप के माध्यम से रियल टाइम किया जाएगा, जिसमें खेत की भौगोलिक स्थिति के साथ फसल की फोटो अपलोड की जाएगी। राज्य शासन द्वारा भू-नक्शों के जीव-रिफ्रेसिंग के पश्चात अब त्रुटिरहित फसल सर्वेक्षण संभव हो पाया है। इससे गिरदावरी की सटीकता बढ़ेगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी।
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इस परियोजना के तहत ग्राम के शिक्षित युवाओं को भी सर्वेयर के रूप में जोड़ा जा रहा है। इच्छुक युवा अपने तहसील कार्यालय या हल्का पटवारी के पास आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक खसरा सर्वेक्षण पर 10 रुपये मानदेय निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवाओं को तहसील स्तर पर प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से डिजिटल फसल सर्वे की विधियां सिखाई जाएंगी।
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प्रशिक्षण का पहला चरण 3 जुलाई 2025 को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों को सैद्धांतिक जानकारी दी गई। इसके पश्चात 23 जुलाई 2025 को ग्राम सरगवां में डीसीएस (डिजिटल क्रॉप सर्वे) ऐप के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण संपन्न हुआ। इस दौरान पटवारी, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार सहित राजस्व अमले ने खेतों में जाकर फसल सर्वेक्षण की वास्तविक प्रक्रिया का अभ्यास किया।
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यह डिजिटल सर्वेक्षण डीसीएस ऐप के माध्यम से रियल टाइम किया जाएगा, जिसमें खेत की भौगोलिक स्थिति के साथ फसल की फोटो अपलोड की जाएगी। राज्य शासन द्वारा भू-नक्शों के जीव-रिफ्रेसिंग के पश्चात अब त्रुटिरहित फसल सर्वेक्षण संभव हो पाया है। इससे गिरदावरी की सटीकता बढ़ेगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी।
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इस परियोजना के तहत ग्राम के शिक्षित युवाओं को भी सर्वेयर के रूप में जोड़ा जा रहा है। इच्छुक युवा अपने तहसील कार्यालय या हल्का पटवारी के पास आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक खसरा सर्वेक्षण पर 10 रुपये मानदेय निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवाओं को तहसील स्तर पर प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से डिजिटल फसल सर्वे की विधियां सिखाई जाएंगी।