{"_id":"692584a7d717e0dc540a885f","slug":"raipur-thethwar-community-social-harmony-tour-emphasis-on-strength-and-unity-of-community-raipur-news-c-1-1-noi1358-3667186-2025-11-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"रायपुर: ठेठवार समाज का सामाजिक समरसता यात्रा; समाज की शक्ति और एकजुटता पर जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रायपुर: ठेठवार समाज का सामाजिक समरसता यात्रा; समाज की शक्ति और एकजुटता पर जोर
Tue, 25 Nov 2025 04:02 PM IST
रायपुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: रायपुर ब्यूरो
Updated Tue, 25 Nov 2025 04:02 PM IST
सार
चार दिनों तक अनेक गतिविधियों, स्वागत, यात्राओं और चिंतन–संवाद के साथ यात्रा संपन्न हुई। यात्रा में छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के सामाजिक स्वजनों ने भाग लेकर समाज की शक्ति और एकजुटता का अद्वितीय प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
कार्यक्रम में उपस्थित समाज के लोग
विस्तार
सामाजिक एकता, संस्कृति और संगठन सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से आयोजित सामाजिक समरसता यात्रा संपन्न हुई। चार दिनों तक अनेक गतिविधियों, स्वागत, यात्राओं और चिंतन–संवाद के साथ यात्रा संपन्न हुई। यात्रा में छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के सामाजिक स्वजनों ने भाग लेकर समाज की शक्ति और एकजुटता का अद्वितीय प्रदर्शन किया।
पहले दिन यात्रा की शुरुआत खरियार रोड पर परिचय सम्मेलन से हुई। सामाजिक स्वजनों में मातृ शक्ति, युवा शक्ति और वरिष्ठजनों ने आत्मीय परिचय देकर समरसता के भाव को प्रगाढ़ किया। इसके बाद बाइक रैली ओडिशा सीमा खरियार रोड पहुँची, जहाँ स्थानीय यादव समाज बंधुओं ने बाजे–गाजे, फटाखों और आतिशबाजी के साथ स्वागत किया। ओडिशा गुड़ा राज के यादव बंधुओं ने ढोल–नगाड़ों, पारंपरिक उड़ीसा नृत्य मंडली, आतिशबाजी और संगीत के साथ स्वागत किया गया। सभा स्थल पर बच्चों ने स्थानीय संस्कृति की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति, श्रीकृष्ण पूजन–आरती, कलश यात्रा, सर्वसंस्कृति समाहित नृत्य स्वागत।
दूसरे दिन जगन्नाथपुरी दर्शन एवं समुद्र स्नान
यात्रा के दूसरे दिन पावन जगन्नाथपुरी में दिव्य दर्शन किए गए। इसके बाद सभी स्वजनों ने समुद्र किनारे समुद्र स्नान का आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया। तीसरे दिन चंद्रभागा सूर्य दर्शन, कोणार्क दर्शन व सम्मान समारोह
विज्ञापन
तीसरे दिन चंद्रभागा में सूर्योदय दर्शन का दिव्य अवसर मिला। इसके पश्चात कोणार्क सूर्य मंदिर के विश्वप्रसिद्ध शिल्पकला और आध्यात्मिक दर्शन का आनंद लिया गया। भुवनेश्वर पहुँचने पर स्थानीय यादव समाज ने सम्मान एवं परिचय सभा आयोजित की गई। इसके बाद लिंगराज महादेव के दर्शन हुए। रात्रि में सभी सामाजिक स्वजनों की उपस्थिति में परिचय एवं चिंतन बैठक संपन्न हुई, जिसमें सामाजिक संगठन, युवाओं की भूमिका और आने वाले कार्यक्रमों पर विचार हुआ।
चौथे दिन हीराकुंड बांध भ्रमण एवं खल्लारी माता दर्शन
अंतिम दिवस सभी ने प्रसिद्ध हीराकुंड बांध का भ्रमण किया। इसके साथ ही संबलपुर समलेश्वरी माता के दर्शन भी किए गए। खल्लारी पहुँचने पर सामाजिक बंधुओं ने समरसता यात्रा का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद खल्लारी माता के दर्शन कर यात्रा का समापन हुआ।
विज्ञापन
पहले दिन यात्रा की शुरुआत खरियार रोड पर परिचय सम्मेलन से हुई। सामाजिक स्वजनों में मातृ शक्ति, युवा शक्ति और वरिष्ठजनों ने आत्मीय परिचय देकर समरसता के भाव को प्रगाढ़ किया। इसके बाद बाइक रैली ओडिशा सीमा खरियार रोड पहुँची, जहाँ स्थानीय यादव समाज बंधुओं ने बाजे–गाजे, फटाखों और आतिशबाजी के साथ स्वागत किया। ओडिशा गुड़ा राज के यादव बंधुओं ने ढोल–नगाड़ों, पारंपरिक उड़ीसा नृत्य मंडली, आतिशबाजी और संगीत के साथ स्वागत किया गया। सभा स्थल पर बच्चों ने स्थानीय संस्कृति की मनमोहक नृत्य प्रस्तुति, श्रीकृष्ण पूजन–आरती, कलश यात्रा, सर्वसंस्कृति समाहित नृत्य स्वागत।
विज्ञापन
दूसरे दिन जगन्नाथपुरी दर्शन एवं समुद्र स्नान
यात्रा के दूसरे दिन पावन जगन्नाथपुरी में दिव्य दर्शन किए गए। इसके बाद सभी स्वजनों ने समुद्र किनारे समुद्र स्नान का आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया। तीसरे दिन चंद्रभागा सूर्य दर्शन, कोणार्क दर्शन व सम्मान समारोह
विज्ञापन
तीसरे दिन चंद्रभागा में सूर्योदय दर्शन का दिव्य अवसर मिला। इसके पश्चात कोणार्क सूर्य मंदिर के विश्वप्रसिद्ध शिल्पकला और आध्यात्मिक दर्शन का आनंद लिया गया। भुवनेश्वर पहुँचने पर स्थानीय यादव समाज ने सम्मान एवं परिचय सभा आयोजित की गई। इसके बाद लिंगराज महादेव के दर्शन हुए। रात्रि में सभी सामाजिक स्वजनों की उपस्थिति में परिचय एवं चिंतन बैठक संपन्न हुई, जिसमें सामाजिक संगठन, युवाओं की भूमिका और आने वाले कार्यक्रमों पर विचार हुआ।
चौथे दिन हीराकुंड बांध भ्रमण एवं खल्लारी माता दर्शन
अंतिम दिवस सभी ने प्रसिद्ध हीराकुंड बांध का भ्रमण किया। इसके साथ ही संबलपुर समलेश्वरी माता के दर्शन भी किए गए। खल्लारी पहुँचने पर सामाजिक बंधुओं ने समरसता यात्रा का आत्मीय स्वागत किया गया। इसके बाद खल्लारी माता के दर्शन कर यात्रा का समापन हुआ।