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रायपुर: निजी स्कूलों को मिलने वाली फीस प्रतिपूर्ति दर बढ़ने की उम्मीद, समिति गठित, केंद्र देगा 70 प्रतिशत

Fri, 06 Nov 2026 09:07 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: प्रिया वर्मा Updated Fri, 06 Nov 2026 09:07 AM IST
सार

RTE के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति राशि नए सिरे से तय करने की तैयारी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने वास्तविक शैक्षणिक खर्च का आकलन करने के लिए एक समिति बनाई है। नई दर का 70 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और बाकी राशि राज्य सरकार देगी।

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Raipur: Chhattisgarh Forms Seven-Member Panel to Review RTE Fee Reimbursement Rates for Private Schools
महानदी भवन नवा रायपुर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ सरकार ने गैर-सरकारी विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेशित बच्चों के लिए प्रति बालक फीस प्रतिपूर्ति दर का पुनर्निर्धारण करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने सात अधिकारियों की समिति का गठन करने का आधिकारिक आदेश जारी किया है। यह समिति सरकारी और निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों पर होने वाले वास्तविक व्यय का ब्योरा जुटाएगी और उसके आधार पर नई फीस दर तय करने के लिए विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। लंबे समय से निजी विद्यालय सरकार से बच्चों की पढ़ाई के बदले मिलने वाली राशि बढ़ाने की मांग उठा रहे थे, जिस पर विचार करने के लिए शासन ने यह कदम उठाया है।
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समिति में सात अधिकारी शामिल
राज्य सरकार द्वारा गठित इस विशेष समिति का अध्यक्ष रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा को बनाया गया है। समिति में रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव जिलों के शिक्षा अधिकारियों को प्रशासनिक जिम्मेदारी दी गई है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर, लोक शिक्षण संचालनालय के सहायक संचालक (वित्त) पोषण लाल वर्मा तथा समग्र शिक्षा के उप संचालक एसके सारस्वत को सदस्य सचिव के रूप में जोड़ा गया है। इनके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय दुर्ग के सहायक संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर के सहायक संचालक तथा राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड शिक्षा अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यह समिति सरकारी विद्यालयों में प्रति छात्र होने वाले व्यय का सूक्ष्मता से आकलन करेगी।
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केंद्र सरकार देगी 70 प्रतिशत हिस्सा
इस मूल्यांकन प्रक्रिया से तय होने वाली नई प्रतिपूर्ति दर की पूरी जानकारी राज्य सरकार केंद्र सरकार को भेजेगी। नियमानुसार निर्धारित नई फीस राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार प्रदान करेगी, जबकि शेष हिस्सा राज्य शासन वहन करेगा। समिति के गठन का छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री तथा स्कूल शिक्षा मंत्री के प्रति आभार जताया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च का सही आकलन होने से निजी संस्थाओं को उचित फीस प्रतिपूर्ति मिल सकेगी, जिससे शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी।

लंबे आंदोलन के बाद पूरा हुआ फैसला
निजी स्कूल प्रबंधन लंबे समय से फीस प्रतिपूर्ति राशि में संशोधन करने और जांच समिति गठित करने की मांग कर रहे थे। इसी प्रमुख मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने राज्यभर में असहयोग आंदोलन भी चलाया था। अब स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समिति का गठन किए जाने से एसोसिएशन की मांग पूरी हो गई है।
 
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