फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Raipur News ›   No new liquor shops in state Chhattisgarh cabinet decides

Chhattisgarh: राज्य में नहीं खुलेगी एक भी नई शराब की दुकान, साय कैबिनेट की बैठक में लिया गया बड़ा फैसला

Thu, 25 Jan 2024 03:06 AM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: विजय पुंडीर Updated Thu, 25 Jan 2024 03:06 AM IST
सार

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2024-25 को मंजूरी दे दी है और फैसला किया है कि राज्य में कोई नई शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी।

विज्ञापन
No new liquor shops in state Chhattisgarh cabinet decides
छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आबकारी नीति को मंजूरी दे दी और फैसला किया कि राज्य में कोई नई शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक बुधवार देर शाम खत्म हुई। 

विज्ञापन


बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ आबकारी नीति 2024-25 को मंजूरी दे दी है और फैसला किया है कि राज्य में कोई नई शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी। उन्होंने बताया कि नयी विधान सभा के दूसरे सत्र (बजट सत्र) के लिए राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप को भी मंजूरी दे दी गयी।बजट सत्र 5 फरवरी से शुरू होने वाला है। 
विज्ञापन


साय कैबिनेट के निर्णय
छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधानसभा के द्वितीय सत्र फरवरी-मार्च 2024 हेतु माननीय राज्यपाल के अभिभाषण के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 
तृतीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2023-2024 का विधानसभा में उपस्थापन हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 
बजट अनुमान वर्ष 2024-25 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। 
छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2024-25 का अनुमोदन किया गया है। यह निर्णय लिया गया है कि कोई भी नई मदिरा दुकान नहीं खोली जाएगी। 

छत्तीसगढ़ सिविल न्यायालय (संशोधन) विधेयक-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया है। इस संशोधन में ‘जिला न्यायाधीश‘ को ‘प्रधान जिला न्यायाधीश‘ और ‘अपर जिला न्यायाधीश‘ को ‘जिला न्यायाधीश‘ करने का प्रावधान रखा गया है। इसी तरह ‘व्यवहार न्यायाधीश प्रथम वर्ग‘ को ‘व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी‘ और ‘व्यवहार न्यायाधीश द्वितीय वर्ग‘ को ‘व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी‘ और ‘जिला न्यायालय‘ को ‘प्रधान जिला न्यायालय‘ से प्रतिस्थापित करने का प्रावधान रखा गया है। उच्च न्यायालय बिलासपुर में ज्वाईंट रजिस्ट्रार (एम) के 5 पद आकस्मिकता निधि से सृजित करने का निर्णय लिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed