छत्तीसगढ़ में घर वापसी अभियान: 61 लोगों ने अपनाया मूल धर्म, भावना बोहरा का दावा; दोगुनी गति से चलेगा अभियान
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में भाजपा विधायक भावना बोहरा ने दावा किया कि घर वापसी अभियान के तहत 61 लोगों ने मूल धर्म में वापसी की है। पहले करीब 500 लोग लौट चुके थे। उन्होंने अभियान को दोगुनी गति से आगे बढ़ाने की बात कही।
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छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पंडरिया की भाजपा विधायक भावना बोहरा ने कहा, “आज 61 लोगों ने अपने मूल धर्म में वापसी की है। इससे हमारे ‘घर वापसी’ अभियान में एक नया अध्याय जुड़ गया है। इससे पहले करीब 500 लोग अपने मूल धर्म में लौट चुके हैं।
अब विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि भी इस अभियान से जुड़ गए हैं। अपने-अपने समुदायों में धर्मांतरण की घटनाओं को देखने के बाद उन्होंने पहल करते हुए प्रभावित परिवारों के घर-घर जाकर उनसे संपर्क किया और जागरूकता फैलाने का काम किया।
#WATCH | Kabirdham, Chhattisgarh: Pandariya BJP MLA Bhawna Bohra says, "Today, 61 people have returned to their original faith, adding a new chapter to our 'Ghar Wapsi' campaign. Earlier, around 500 people had returned. Various community representatives have now joined this campaign. After noticing conversions within their own communities, they took the initiative to visit affected families door to door and create awareness. This campaign is not driven by any political interest. It is about protecting our culture and traditions, and it will continue. I am happy that representatives of different communities have joined us. We will now take this campaign forward at double the pace. Along with the law, awareness among people is equally important. We will continue engaging with those who have moved away from their faith, explaining the issues to them and facilitating their return to their original religion."
— ANI (@ANI) November 2, 2026
यह अभियान किसी राजनीतिक हित से प्रेरित नहीं है। इसका उद्देश्य हमारी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करना है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। मुझे खुशी है कि विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि इस अभियान से जुड़े हैं। अब हम इस अभियान को दोगुनी गति से आगे बढ़ाएंगे।
कानून के साथ-साथ लोगों में जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। हम उन लोगों से लगातार संवाद करते रहेंगे, जो अपने मूल धर्म से दूर हो गए हैं। उन्हें विभिन्न मुद्दों के बारे में समझाएंगे और उनके मूल धर्म में वापसी की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।”