Raipur: पूर्व IAS नीलकंठ टेकाम बीजेपी में हुए शामिल, ओम माथुर ने दिलाई सदस्यता, केशकाल से लड़ सकते हैं चुनाव
बीजेपी उन्हें केशकाल से टिकट दे सकती है। टेकाम ने पहले वीआरएस के लिए आवेदन भी दिया था। कांकेर जिले के अंतागढ़ सरईपारा निवासी टेकाम की स्कूली शिक्षा भी कांकेर से ही हुई है।
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विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सरगर्मी तेज है। ऐसे में लगातार पार्टियों में प्रवेश करने का सिलसिला चल रहा है। कोंडागांव जिले के पूर्व कलेक्टर नीलकंठ टेकाम भाजपा में शामिल हो गए हैं। छत्तीसगढ़ के 2008 बैच के IAS ऑफिसर नीलकंठ टेकाम को छत्तीसगढ़ बीजेपी प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने केशकाल में भाजपा की सदस्यता दिलाई। नीलकंठ टेकाम के वीआरएस के आवेदन पर केंद्र सरकार ने 17 अगस्त 2023 को मंजूरी दे दी थी। टेकाम केशकाल या कोंडागांव से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। कांकेर के अंतागढ़ के सरईपारा निवासी टेकाम की इलाके में काफी सक्रियता है। पूर्व आइएएस ओपी चौधरी के बाद टेकाम दूसरे IAS हैं, जिन्होंने भाजपा की सदस्यता के लिए नौकरी से वीआरएस लिया है।
बीजेपी उन्हें केशकाल से टिकट दे सकती है। टेकाम ने पहले वीआरएस के लिए आवेदन भी दिया था। कांकेर जिले के अंतागढ़ सरईपारा निवासी टेकाम की स्कूली शिक्षा भी कांकेर से ही हुई है। उन्होंने शासकीय गवर्मेंट कॉलेज से समाजशास्त्र से एमए किया है। यहां के वो छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
कोंडागांव में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने नीति आयोग के आकांक्षी जिलों में कोंडागांव को नंबर वन बनाया। वे साल 2028 में रिटायर होंगे। साल 2008 में उन्हें आईआएएस अवॉर्ड भी मिल चुका है। वर्ष 1994 में उन्होंने एमपीपीएससी निकालकर एसटी वर्ग में टॉपर बने। वे ज्यादातर बस्तर संभाग में ही पदस्थ रहे। जगदलपुर में करीब 6 साल तक एसडीएम से लेकर अपर कलेक्टर के रूप में सेवाएं दी। जगदलपुर नगर निगम का कमिश्नर भी रह चुके हैं। दंतेवाड़ा जिला पंचायत सीईओ की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
अविभाजित मध्यप्रदेश में उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे दिया था उस समय वो बड़वानी जिले में एसडीएम के पद पर कार्यरत थे। निर्दलीय उम्मीदवार अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया था, लेकिन सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। उनका नामांकन वापस कराया गया। इसके बाद उन्होंने फिर से नौकरी ज्वाइनिंग कर ली।
इससे पहले 2005 बैच के आईएएस ओपी चौधरी ने भी पिछले विधानसभा चुनाव में इस्तीफा देकर खरिसया से चुनाव लड़ा था, लेकिन वो जीत नहीं पाए। इसके बाद से वो राजनीति में सक्रिय रहे। वर्तमान में वो छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी देख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार बीजेपी उन्हें चंद्रपुर विधानसभा सीट से टिकट दे सकती है।
भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने केशकाल में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा कि बस्तर विजय का विजन हमारे पास है और बस्तरवासियों के सपने को पूरा करने हमारे पास एक मजबूत कार्य योजना है। बस्तर के विजय के लिए हमारे प्रत्येक कार्यकर्ता तन्मयता से जुटे हुए हैं। हम सबको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को और मजबूत करना है। पूर्व कलेक्टर नीलकंठ टेकाम ने बीजेपी के विजय अभियान में जुड़ने का संकल्प लिया है। हम सब उनका स्वागत करते हैं बस्तर में 12 के 12 का लक्ष्य हमारा है जिससे पूरा करने सभी एक लक्ष्य के साथ जुट जाएं।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने कहा है कि कांग्रेस ने अपने इन 5 वर्षों के कार्यकाल में केवल प्रदेश की जनता को छलने के अलावा कुछ भी नहीं किया है। बिजली बिल हाफ के साथ कई वादे कांग्रेस ने किया था लेकिन कांग्रेस की सरकार ने जनता को छल कर केवल पाप किया है। अब वक्त आ गया है कांग्रेस को करारा जवाब देने का हम सभी कमर कस कर तैयार है प्रदेश की कांग्रेस सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए। उन्होंने पूर्व कलेक्टर नीलकंठ टेकाम की भाजपा प्रवेश पर बधाई देते हुए कहा कि हम एक जूटता के साथ विजय बस्तर के लिए जुटे है।
भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि भूपेश है तो भ्रष्टाचार है यह बात सब सर्वत्र है। कांग्रेस सरकार ने हर तरफ भ्रष्टाचार को लेकर रिकॉर्ड बनाया है। अब इस भ्रष्टाचारी सरकार की विदाई बेला करीब है अब जनता ने भी मन बना लिया है कांग्रेस की सरकार को सत्ता से हटाना है। अब निश्चित ही वक्त है कांग्रेस की सरकार को बदलने का है जनता ने पूरी तरह मन बना लिया है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि जन सामान्य से कांग्रेस अपना भरोसा खो चुकी है। जो बातें घोषणा पत्र में कांग्रेस के द्वारा कही गई उसे अपना पूरा कार्यकाल बीतने को है लेकिन उसे पूरा करने में प्रदेश सरकार नाकाम रही है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने केंद्रीय योजनाओं का लाभ तक को जनता तक पहुंचने नहीं दिया और अब कह रहे हैं कि वक्त है छलावा का। प्रदेश की जनता कांग्रेस से परेशान और निराशा है अब हम बस्तर से ही विजय संकल्प लेने जुटे हैं हमारी जीत निश्चित है।
भाजपा बस्तर संभाग प्रभारी एवं सांसद संतोष पांडे ने कहा कि कांग्रेस ही बस्तर के विकास में बाधा है l कांग्रेस के कारण ही बस्तर अब तक विकास से कोसों दूर है। केशकाल का जो विकास होना था वह नहीं दिखता है इसके लिए यहां के कांग्रेस विधायक जिम्मेदार हैं।
कांकेर सांसद मोहन मंडावी ने कहा कि कांग्रेस को देश की आजादी के बाद कभी वनवासी समाज के विकास की कभी चिंता नहीं रही है। हमेशा वनवासी समाज को कांग्रेस प्रताड़ित करती रही है। कांग्रेस की छल का बदला हमें उसे आगामी विधानसभा चुनाव में परास्त करके लेना होगा।
कोंडागांव पूर्व कलेक्टर नीलकंठ टेकाम ने भाजपा की सदस्यता लेने के बाद कहा कि अपनों के सपनों को पूरा करने के संकल्प के साथ ही भाजपा की सदस्यता ली है। यह पल हम सभी नहीं भूल सकते। भाजपा के प्रदेश प्रभारी ओम माथुर विजय संकल्प अभियान को पूरा करने ही मोर्चे पर जुटे हैं। उन्होंने संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सबके उम्मीद पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करते विजय बस्तर के मुहिम के लिए पूरी तन्मयता से हम सब जुटेंगे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप ने किया आभार महेश जैन ने माना।
भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, सांसद संतोष पांडेय व प्रदेश महामंत्री केदार कश्यप कोंडागांव जिला अध्यक्ष दीपेश अरोरा, सहित पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता केशकाल में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में हिस्सा लिए। इस दौरान पूर्व कलेक्टर नीलकंठ टेकाम ने अपने हजारों समर्थकों के साथ भाजपा प्रवेश किया। इसके पूर्व केशकाल तहसील के समीप से पूर्व कलेक्टर नीलकंठ टेकाम रैली निकाल कर सभा स्थल पहुंचे जिसके साथ स्थानीय लोक कलाकार वह आमजन रैली में शामिल हुए।
छात्र जीवन से बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहे नीलकंठ टेकाम का जन्म कांकेर के अंतागढ़ ब्लाक में हुआ। जहां उनके अध्ययन के बाद आगे की पढ़ाई के लिए कांकेर जिला मुख्यालय में आये जहां कालेज की पढ़ाई के साथ ही छात्र राजनीति में सक्रिय हो गये और कॉलेज के हॉस्टल में रहकर ही लोकतंत्र की नर्सरी कहे जाने वाली छात्र संघ चुनाव में हिस्सा लेकर अपने कालेज का प्रतिनिधित्व करने लगे और 1987-88 कांकेर महाविद्याल के छात्र संघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए। यहीं से ही समाज सेवा को लेकर उनकी यात्रा शुरू हुई। वहीं 1989 में समाज शास्त्र स्नातकोत्तर के बाद केवल मात्र 7 दिनों के लिए 1991 में शिक्षक के रूप में चयनित हुए और वहीं कुछ ही दिनों के बाद अविभाजित मध्यप्रदेश में खंडवा महिला कॉलेज में प्रोफेसरी और कुछ ही सालों के बाद 1994 में मध्यप्रदेश पीएससी में टॉप सूची में शामिल हुआ और बतौर डिप्टी कलेक्टर चयनित होकर बस्तर का नाम गौरवान्वित किया। मध्यप्रदेश के धार जिले में एसडीएम रहकर उन्होंने अनुकरणीय कार्य किया। उसके उपरांत छत्तीसगढ़ राज्य विभाजन के बाद मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ केडर ऐलाट होने पर रायपुर पहुंचे और उनकी तैनाती जगदलपुर एसडीएम के तौर पर हुई इसके साथ ही 2008 में उन्हें आईएस अवार्ड मिला और वे बस्तर के कोण्डागांव जिले में कलेक्टर बनाए गये। जब कोण्डागांव के कलेक्टर थे तब उनके काम को नीति आयोग ने सराहा था और देश में पहले स्थान पर थे। बतौर कलेक्टर आज भी उनके काम को याद किया जाता है। छत्तीसगढ़ के मंत्रालय में कई पदों में अपनी सेवाएं देने के बाद अब समाज में और बेहतर करने के सपने सजाए प्रोफेसरी से कलेक्ट्री करने वाले नीलकंठ टेकाम भाजपा का दामन केशकाल के एक विशाल सभा में थामा हैl