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Raipur : महादेव एप प्रकरण में ई़डी के दावे पर बोले सीएम भूपेश बघेल- चुनाव से पहले छवि खराब करने की कोशिश
Sat, 04 Nov 2023 01:00 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 04 Nov 2023 01:00 AM IST
सार
चुनाव के ठीक पहले ईडी ने मेरी छवि धूमिल करने का सबसे कुत्सित प्रयास किया है। यह कांग्रेस की लोकप्रिय सरकार को बदनाम करने का राजनीतिक प्रयास है जो ईडी के माध्यम से किया जा रहा है।
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सीएम भूपेश बघेल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
महादेव एप प्रकरण में ई़डी के दावे को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी ईडी, आईटी, डीआरआई और सीबीआई जैसी एजेंसियों के सहारे छत्तीसगढ़ का चुनाव लड़ना चाहती है। चुनाव के ठीक पहले ईडी ने मेरी छवि धूमिल करने का सबसे कुत्सित प्रयास किया है। यह कांग्रेस की लोकप्रिय सरकार को बदनाम करने का राजनीतिक प्रयास है जो ईडी के माध्यम से किया जा रहा है।
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‘महादेव ऐप’ की कथित जांच के नाम पर ईडी ने पहले मेरे करीबी लोगों को बदनाम करने के लिए उनके घर छापे डाले और अब एक अनजान से व्यक्ति के बयान को आधार बनाकर मुझ पर 508 करोड़ लेने का आरोप लगा दिया है।
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ईडी की चालाकी देखिए कि उस व्यक्ति का बयान ज़ाहिर करने के बाद एक छोटे से वाक्य में लिख दिया है कि बयान जांच का विषय है। अगर जांच नहीं हुई है तो एक व्यक्ति के बयान पर प्रेस रिलीज़ जारी करना न केवल ईडी की नीयत को बताता है बल्कि इसके पीछे केंद्र सरकार की बदनीयती को भी ज़ाहिर करता है।
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इस समय राज्य में चुनाव हो रहे हैं। सब कुछ चुनाव आयोग के हाथों में है। पुलिस के अलावा सीआरपीएफ के जवान जांच कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी रकम लेकर लोग किस तरह से छत्तीसगढ़ पहुंच पा रहे हैं? कहीं इसमें भी तो केंद्रीय एजेंसियों की सांठगांठ नहीं चल रही है? कहीं ये रकम उन संदूकों में तो भरकर नहीं लाई गई है जो ईडी के अफ़सरों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ विशेष विमान से पहुंची हैं? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दोनों मिलकर भी कांग्रेस का छत्तीसगढ़ में मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं तो वे जांच एजेंसियों के सहारे चुनाव लड़ना चाहते हैं।
ईडी के ख़िलाफ़ मैंने खुले बयान दिए हैं और जनता को बताता रहा हूं कि ईडी किस तरह से काम करती है। वह पहले लोगों के नाम तय करती है फिर लोगों को गिरफ़्तार करके धमकाती डराती है और नाम लेने के लिए बाध्य करती है। इसके लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है। मारना, डराना धमकाना तो सामान्य बात है। सीएम ने कहा कि कांग्रेस तैयार है। कांग्रेस का एक एक कार्यकर्ता तैयार है। ईडी, आईटी जैसी एजेंसियों के मुक़ाबले के लिए छत्तीसगढ़ की जनता हमारे साथ है।
ईडी की प्रेस विज्ञप्ति को ‘नया कारनामा’ बताते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि दिन में भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गारंटी देते हैं और शाम को केंद्रीय गृहमंत्री सरकार को बदनाम करने की ली हुई सुपारी के तहत ईडी का बयान जारी करवाते हैं।
उन्होंने कहा है कि अमित शाह के इशारे पर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्य मंत्री की छवि खराब करने का यह निम्न स्तरीय हथकण्डा अपनाया गया हैं। चुनाव मे कांग्रेस पार्टी से सीधा मुकाबला नहीं कर पाने से हताश भाजपा नें ईडी को आगे कर दिया। उन्होंने कहा है कि यह हास्यास्पद है कि जो सरकार महादेव ऐप के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रही थी, ईडी उसी सरकार पर संरक्षण का आरोप लगा रही है।
उन्होंने कहा है कि बिना किसी तथ्य और प्रमाण के रह चलते किसी के भी बोलने मात्र से जाँच एजेंसी नें बयान जारी करके मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की जो जल्दबाजी दिखाई है उसमे भाजपा का चुनावी गणित साफ दिख रहा है।
बैज ने कहा है कि पिछले कुछ महीनो से छत्तीसगढ़ सहित कांग्रेस शासित राज्यों मे की गयी कार्यवाहियो नें इस केंद्रीय जाँच एजेंसी की साख को केंद्र की चाटुकार थानेदार की बन गयी हैं जिसे क़ानून संविधान नियम कायदो की कोई परवाह नहीं। कांग्रेस पार्टी इस प्रकार के षड्यंत्रो से डरने और घबराने वाली नहीं भाजपा और ईडी के नापाक गठबंधन को कांग्रेस चुनाव मे जनता के बीच ले कर जाएगी। ईडी के षड्यंत्रो के बाद ताली पीटने वाले रमन सिंह के नान घोटाले चिट फंड घोटाला की जाँच ईडी कब करेंगी रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ की जनता के हक के पैसे को चिट फंड कम्पनियो से लुटवाया था इसकी जाँच से ईडी क्यों भाग रही है। ईडी की जांच तो उनके मंत्री रहे अजय चंद्राकर के ख़िलाफ़ भी लंबित है, ईडी उसकी भी जांच कर ले।
ईडी का दावा- महादेव एप का सीधा संबंध भूपेश बघेल से
ईडी द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर महादेव एप घोटाले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर लगे 508 करोड़ के आरोप पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजा जब चोर हो जाता है तो जुएँ-सट्टे वालों से भी 508 करोड़ का कमीशन खाने लगता है। छत्तीसगढ़ की तिजोरी में डाका डाला वो क्या कम था कि प्रदेश के युवाओं को जुएँ-सट्टे की लत लगाने वालों से अपना हिस्सा भी बटोरने लगे दाऊ भूपेश बघेल? अब समझ आया कि आप ED से इतना क्यों डरते थे क्योंकि आप सिर्फ अपराधियों के संरक्षक नहीं बल्कि खुद इस जुर्म में शामिल रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम भूपेश बघेल को पकड़े जाने का डर पहले से था इसलिए ईडी और सीआरपीएफ पर आरोप लगा रहे थे और ध्यान भटकाने तथा पकड़े जाने के बाद के बहाने तैयार कर रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से ही लगातार महादेव सट्टा एप के तार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सचिवालय से जुड़ रहे थे और अब तो स्पष्ट हो गया कि इन सब में भूपेश की सीधी सलिप्तता है और यह भी स्पष्ट हो गया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इतना अति आत्मविश्वास क्यों रहता है कि चुनाव जीत जाऊंगा क्योंकि यह तो एक महादेव एप है जहां से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 508 करोड़ की अवैध राशि इकट्ठा की है न जाने ऐसी ही और कितनी जगहों से उन्होंने चुनाव को प्रभावित करने के लिए पैसा इकट्ठा किया है।