Chhattisgarh: रायपुर में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने किया विधानसभा का घेराव, पुलिस से जमकर धक्का-मुक्की
रायपुर में कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ, नशे की खेती रोकने और रसोई गैस की किल्लत समेत कई मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव किया, जिसमें भारत माता चौक पर पुलिस के साथ जमकर धक्का-मुक्की हुई और नारेबाजी की गई।
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आज विधानसभा का घेराव किया। यह घेराव मनरेगा बचाओ, नशे की खेती, रसोई गैस की किल्लत और प्रदेश के स्थानीय मुद्दों को लेकर किया गया। इस दौरान भारत माता चौक शंकर नगर में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने भारत माता चौक के पास बैरिकेडिंग लगाकर कांग्रेसियों को विधानसभा जाने से रोका। कांग्रेसियों ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट मौजूद रहे। पीसीसी चीफ दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। घेराव कार्यक्रम में लगभग 30 हजार से ज्यादा कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने केंद्र सरकार पर मनरेगा कानून से महात्मा गांधी का नाम हटाकर और इसे योजना बनाकर खत्म करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद मनरेगा में काम लगभग बंद हो गया है। मनरेगा बंद होने से मजदूर दूसरे प्रदेशों में पलायन कर गए हैं।
कांग्रेस ने बताया कि मनरेगा के नए स्वरुप में मोदी सरकार ने केंद्रांश घटाकर केंद्रांश और राज्यांश का औसत 60-40 कर दिया है। पहले यह योजना 100 फीसदी केंद्र पोषित थी। जब केंद्र सरकार पूरी राशि देती थी, तब भी राज्य सरकारें इसे लागू करने में कोताही बरतती थीं। अब 40 फीसदी राशि राज्य को वहन करनी होगी, तो वे और भी कोताही बरतेंगी।