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छत्तीसगढ़ कोयला घोटाला: पूर्व सीएम बघेल का आरोप, ईओडब्ल्यू और एसीबी ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किए जाली दस्तावेज

Sun, 12 Oct 2025 08:44 PM IST
Digvijay Singh पीटीआई, रायपुर
पीटीआई, रायपुर Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 12 Oct 2025 08:44 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रविवार को राज्य की आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पर कथित कोयला घोटाला मामले में सबूतों से छेड़छाड़ और न्यायिक प्रक्रियाओं में हेराफेरी करने का आरोप लगाया।

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Chhattisgarh coal scam Former CM Baghel alleges EOW and ACB presented forged documents in Supreme Court
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रविवार को राज्य की आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पर कथित कोयला घोटाला मामले में सबूतों से छेड़छाड़ और न्यायिक प्रक्रियाओं में हेराफेरी करने का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और विधानसभा में विपक्ष के नेता चरण दास महंत ने आरोप लगाया कि एक आरोपी सूर्यकांत तिवारी की जमानत के मामले में ईओडब्ल्यू/एसीबी ने सह-आरोपी निखिल चंद्राकर के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत एक जाली बयान वाला दस्तावेज़ सुप्रीम कोर्ट में पेश किया है। दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164, जो अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 183 है, के तहत किसी आरोपी या गवाह का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया जाता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इसे लिखित (या रिकॉर्डेड) बयान भी कहा जाता है और इसे एक गोपनीय दस्तावेज़ माना जाता है।

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बघेल ने आरोप लगाया कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत चंद्राकर के बयान में इस्तेमाल किया गया, फ़ॉन्ट अदालत में इस्तेमाल किए जाने वाले आधिकारिक फ़ॉन्ट से अलग था। तो, यह फ़ॉन्ट कहाँ से आया और इसे किसने पेश किया? यह स्पष्ट है कि बयान पहले से टाइप किया हुआ था और राज्य के आर्थिक अपराध शाखा/एसीबी के अधिकारियों द्वारा एक पेन ड्राइव में अदालत में लाया गया था, न कि कानून के अनुसार किसी मजिस्ट्रेट द्वारा रिकॉर्ड किया गया था। बघेल ने कहा कि फोरेंसिक विश्लेषण में दो अलग-अलग फ़ॉन्ट का इस्तेमाल दिखाया गया है, जिससे साबित होता है कि दस्तावेज़ अदालत में नहीं बनाया गया था।
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पूर्व सीएम बघेल ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अधिवक्ता गिरीश चंद्र देवांगन ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रायपुर के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें तीन आर्थिक अपराध शाखा/एसीबी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के अनुसार, इन अधिकारियों ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किए जाने वाले बयानों को गढ़ा या पहले से तैयार किया और बाद में चल रही जाँच में और सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष उन्हें असली दस्तावेज़ों के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि 12 सितंबर को देवांगन ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (सतर्कता) के समक्ष भी इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी।

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