{"_id":"63ee0dfde75d10fbb80611e0","slug":"bjp-state-president-raised-questions-on-chhattisgarh-dgp-letter-to-nia-2023-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"NIA को चिट्ठी पर BJP प्रदेश अध्यक्ष का सवाल: क्या भूपेश सरकार को अब जांच केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा हो गया है?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
NIA को चिट्ठी पर BJP प्रदेश अध्यक्ष का सवाल: क्या भूपेश सरकार को अब जांच केंद्रीय एजेंसी पर भरोसा हो गया है?
Thu, 16 Feb 2023 04:35 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Thu, 16 Feb 2023 04:35 PM IST
सार
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि, जन घोषणा पत्र में किए गए वादे पूरे न कर पाने पर जगदलपुर में टीएस सिंहदेव खेद प्रकट कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि, अब मुख्यमंत्री भी खेद प्रकट करें। उनके राष्ट्रीय अधिवेशन में सारे राष्ट्रीय नेता और मुख्यमंत्री जनता को धोखा देने के लिए माफी मांगे।
विज्ञापन
छत्तीसगढ़ BJP प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव।
- फोटो : social media
विस्तार
बस्तर में भाजपा नेताओं की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। डीजीपी के एनआईए को जांच के लिए पत्र लिखने के बाद भाजपा ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने सवाल किया है कि क्या अब भूपेश सरकार को केंद्रीय जांच एजेंसियों पर भरोसा हो गया है। उन्होंने कहा कि, अलोकतांत्रिक तरीके इस्तेमाल कर भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कराना कायरता है। आरोप लगाया कि सरकार ने इस प्रकार की हरकत कर बता दिया है कि वह विपक्ष से कितनी डरी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अरुण साव ने कहा कि, आपने बस्तर से राजनीतिक हिंसा शुरू की है। हम आज वहीं पहुंचकर चुनौती देंगे। कल पूरे छत्तीसगढ़ की जनता इस राजनीतिक हत्याकांड के विरोध में छत्तीसगढ़ जाम रखेगी। उन्होंने कहा कि, भूपेश बघेल जी याद रखें, छत्तीसगढ़ बनने के तुरंत बाद पहले तीन वर्ष में कांग्रेस की हत्यारी सरकार को जनता ने 15 साल तक सत्ता से दूर कर दिया था। इस समय जनता हमेशा के लिए छत्तीसगढ़ से बाहर कर देगी। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में बस्तर में प्रदर्शन करने जा रही है।
विज्ञापन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के कांग्रेस से सवाल
- क्या कांग्रेस अब एनआईए पर विश्वास करने लगी है क्योंकि इससे पहले हमेशा उसे भला-बुरा कहती रही है।
- राज्य सरकार ने अब यह मान लिया है कि वह भाजपा नेताओं को सुरक्षा देने में भी असफल रही एवं अब स्वयं जांच करने में भी सक्षम नहीं है?
- ऐसे गंभीर व संवेदनशील मामलों पर लिखी चिट्ठी को सार्वजनिक क्यों किया गया?