Chhattisgarh: गृह मंत्री अमित शाह बोले- नक्सलवाद खत्म करने में सुरक्षाबलों की सफलता से दुनिया आश्चर्यचकित
शाह ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वह केंद्रीय सुरक्षा बलों, कोबरा टीम, छत्तीसगढ़ पुलिस बल और डीआरजी के साहस, शौर्य, बलिदान और समर्पण को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवान अपने शौर्य और परिश्रम से ही नक्सलियों के साथ मुठभेड़ को सफल बनाते हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा बलों ने जिस शौर्य, धैर्य और समर्पण के साथ माओवादियों के ठिकाने तहस-नहस किए हैं, उसने दुनिया के तमाम सुरक्षा बलों को आश्चर्यचकित कर दिया है। सेना के जवान जो तय करते हैं, वो हासिल करते हैं और इसी भरोसे पर सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे की प्रतिबद्धता जताई है। शाह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जब 31 मार्च 2026 को देश नक्सलवाद से मुक्त होगा, वो क्षण आजादी के बाद का एक सबसे महत्वपूर्ण क्षण होगा।
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने यह बात छत्तीसगढ़ में बड़े नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल सुरक्षा बलों के कमांडरों और सैन्य कर्मियों के साथ मुलाकात के दौरान कही। भाकपा (माओवादी) के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवाराजू जैसे दुर्दांत नक्सलियों को मार गिराने वाले इन जांबाजों से मिलने के लिए शाह को सोमवार को बस्तर के नारायणपुर जाना था लेकिन खराब मौसम के कारण उनका निर्धारित दौरा रद्द कर दिया गया। इसके बाद बस्तर क्षेत्र से आए करीब 70 जवानों से उन्होंने नवा रायपुर में मुलाकात की और उनके साथ लंच भी किया।
शाह ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वह केंद्रीय सुरक्षा बलों, कोबरा टीम, छत्तीसगढ़ पुलिस बल और डीआरजी के साहस, शौर्य, बलिदान और समर्पण को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के जवान अपने शौर्य और परिश्रम से ही नक्सलियों के साथ मुठभेड़ को सफल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद आदिवासी क्षेत्र के लिए बड़ी विभीषिका रहा है, जिससे पिछले 35 साल में लगभग 40 हजार लोगों की मौत हुई है या फिर वो अपाहिज होकर जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इतने वर्षों तक इतना बड़ा क्षेत्र गुलामी के कालखंड में जीने को मजबूर रहा।
नक्सलवाद पर काबू पाकर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराईं
गृह मंत्री शाह ने कहा, नक्सली हिंसा ने गरीब आदिवासियों तक खाना-पानी, बिजली, शिक्षा, घर, शौचालय जैसे मूलभूत सुविधाओं को नहीं पहुंचने दिया। उद्योग को तो भूल ही जाइए। लेकिन खुशी की बात है कि आज जिस क्षेत्र से नक्सलवाद खत्म होता है, वहां हमारी सरकार अनाज, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, बिजली, घर, शौचालय और पीने का शुद्ध पानी पहुंचाकर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है।
बच्चा पेंसिल पकड़ता है तो पूरे देश का भविष्य संवरता है
शाह ने कहा कि जब बच्चा हाथ में बंदूक की जगह पेंसिल पकड़कर क, ख, ग लिखता है, तो न सिर्फ एक क्षेत्र का बल्कि पूरे देश का भविष्य संवरता है। यह क्षण जल्द ही आने वाला है। जब नक्सवाद के खात्मे का इतिहास लिखा जाएगा, उसमे सुरक्षा बलों के जवानों के त्याग, बलिदान और परिश्रम स्वर्णिम अक्षरों से अंकित होगा। शाह ने यहां लियोर ओयना पुस्तक का लोकार्पण भी किया, जो नक्सलियों द्वारा आदिवासियों के भीषण संहार और बस्तर को बचाने के प्रयासों पर केंद्रित है।
लियोर ओयना का विमोचन...
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में लियोर ओयना नक्सलियों की ओर से आदिवासियों के भीषण संहार और बस्तर को बचाने के प्रयासों पर लिखित एक पुस्तक का लोकार्पण भी किया। नक्सलियों ने जिन मासूम, निहत्थे लोगों को अपनी हिंसा का शिकार बनाया है, उनकी पीड़ा समझने में यह पुस्तक सहायक होने वाली है।
यह पुस्तक ह्यूमन राईट के नाम पर नक्सलियों से संवेदना दिखाने वालों के आँखों के आगे से पर्दा हटाने और उन्हें एक्सपोज करने में भी उपयोगी सिद्ध होगी। जवानों के साथ बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य मंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केन्द्रीय गृह सचिव, डीजी बीएसएफ मौजूद थे।