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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Raipur News ›   30 Naxalites killed in encounter between security forces and Naxalites on the border of Narayanpur and Dantewa

Naxalite Encounter: छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़, अब तक इतने माओवादी हुए ढेर; देखें आंकड़े

Fri, 04 Oct 2024 07:40 PM IST
श्याम जी. न्यूज डेस्क अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क अमर उजाला, रायपुर Published by: श्याम जी. Updated Fri, 04 Oct 2024 07:40 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 40 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। यह देश की सबसे बड़ी पहली नक्सली मुठभेड़ है। आइए इससे पहले हुईं मुठभेड़ों के बारे में विस्तार से जानते हैं। 

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30 Naxalites killed in encounter between security forces and Naxalites on the border of Narayanpur and Dantewa
नक्सली मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नक्सलियों के गढ़ बस्तर संभाग को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए छत्तीसगढ़ में जवानों ने अभियान चला रखा है। लगातार नक्सलियों का एनकाउंटर हो रहा है। इससे नक्सलियों के पैर उखड़ रहे हैं। नक्सल मोर्चे पर फोर्स को एक के बाद एक बड़ी कामयाबी मिल रही है। जवान बस्तर संभाग में डेरा जमाए हुए हैं। जवान नक्सलियों की मांद में घुसकर उनसे टक्कर ले रहे हैं। बस्तर की मनमोहक और खूबसूरत प्राकृतिक वादियों से 'लाल आतंक' के साये को खत्म करने के लिए बस्तर संभाग में फोर्स मोर्चा संभाले हुए है।

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नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले के बॉर्डर पर चार अक्तूबर को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच सुबह से ही मुठभेड़ शुरू हुई। शाम सात बजे तक 40 नक्सलियों को जवानों ने ढेर कर दिया। नक्सलियों के शवों के साथ भारी मात्रा हथियार बरामद किए गए। इसमें एके-47, एसएलआर समेत कई अत्याधुनिक हथियार शामिल थे। तीन अक्तूबर को जवानों को बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद लगभग 400 फोर्स के जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसमें सीआरपीएफ, राज्य पुलिस बल संयुक्त टीम के जवान शामिल थे। इस मुठभेड़ में कई इनामी नक्सलियों के भी मारे जाने की खबर है। दूसरी ओर नक्सलियों के कंपनी नंबर 6 को भी पुलिस ने ध्वस्त कर दिया है।

16 अप्रैल को कांकेर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गये थे। यह देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी, जिससे नक्सली डर के भय से कांप उठे थे। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ में जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष माओवादी शामिल थे। प्राथमिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों में से दो की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। 

27 मार्च को नक्सल डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों का किया गया एनकाउंटर
27 मार्च को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी-पुसबाका के पास वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ जवानों ने एक नक्सली डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से नक्सलियों के शव समेत हथियार बरामद हुए थे। मारे गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल थी। मामला बासागुड़ा थाने क्षेत्र का था।

दो अप्रैल को 13 नक्सली ढेर
दो अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली और लेंड्रा के जंगल में हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस ने तीन महिला नक्सली समेत 13 नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से पुलिस ने कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किये थे। इनमें 1 नग 7.62 एलएमजी -58 राउंड, 1 नग 303 रायफल -39 राउंड, 12 बोर सिंगल शॉट 1 नग, बीजीएल लांचर 3 नग - 17 सेल, एयर गन 2 नग, विस्फोटक - हेंड ग्रेनेड 1, यूबीजीएल सेल 1, टिफिन बम 7 नग, जिलेटिन स्टीक कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, उपकरण -लेपटॉप, डीव्हीडी राईटर, वॉकीटॉकी और नक्सली वर्दी, पिट्ठू, सोलर प्लेट, नक्सली प्रचार प्रसार सामग्री, नक्सली साहित्य और रोजमर्रा के सामान शामिल थे। 

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छह अप्रैल को मारे गये तीन नक्सली 
फोर्स और नक्सलियों के साथ छह अप्रैल को हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गये थे। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर पुजारी कांकेर के कर्रीगुटा के जंगलों में मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर हुए थे। मामला उसूर थाने क्षेत्र का था। इतना ही नहीं घटनास्थल से एक एलएमजी और एक एके-47 समेत कई हथियार बरामद हुए थे। 

16 अप्रैल को 29 नक्सलियों को सुलाया मौंत की नींद
16 अप्रैल को कांकेर जिले के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के माड़ इलाके में देश की सबसे बड़ी मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गये थे। पुलिस फोर्स और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में नक्सली कमांडर शंकर राव ढेर हो गया था। शंकर राव पर 25 लाख का इनाम था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद किया था। मारे गए सभी नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 78 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं, नक्सलियों से जब्त एके- 47 और इंसास जैसे हथियारों पर पुलिस ने 7 लाख 55 हजार का इनाम रखा था। 

30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ में 10 नक्सली ढेर
30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष नक्सली शामिल थे। प्राथमिकतौर पर मुठभेड़ में मारे गये नक्सलियों से दो की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी।

10 मई को बीजापुर के पीड़िया जंगल में 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पीड़िया के जंगल में 10 मई की सुबह 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए। इस दौरान दो जवान घायल भी हुए थे। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सभी 12 नक्सलियों के शव और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार भी बरामद किये गये थे। जवानों को गंगालूर थाना क्षेत्र के पीड़िया इलाके में नक्सलियों के टॉप हार्डकोर नक्सली कमांडर लिंगा और पापाराव समेत बड़े लीडर्स के जंगल में होने की सूचना मिली थी। नक्सलियों की इस कमेटी में डीकेएसजेडसी, डीवीसीएम और एसीएम कैडर के बड़े नक्सली भी मौजूद थे। सूचना पर पड़ोसी जिले दंतेवाड़ा, सुकमा व बीजापुर से एसटीएफ, डीआरजी,सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के 1200 जवानों ने साझा अभियान चलाया था, जिसमें मौके पर 12 नक्सली ढेर हो गये।

23 और 24 मई को आठ नक्सली ढेर
छत्तीसगढ़ में 23 मई को नारायणपुर के अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बल के जवानों ने धावा बोला। जंगल के अंदर बड़ी संख्या में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना पर बस्तर फाइटर्स और एसटीएफ के करीब एक हजार जवान रवाना हुए थे। पुलिस जैसे ही जंगल के भीतर घुसी, नक्सलियों ने उन पर हमला बोल दिया। जवानों ने भी मोर्चा संभाला और घंटों तक रुक-रुककर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के बाद मौके से सात नक्सलियों के शव मिले। 

पुलिस ने घटनास्थल से नक्सलियों के शव के साथ बड़े पैमाने पर हथियार, दवाई और दैनिक सामग्री जब्त की। इसके बाद 24 मई को  नारायणपुर में पुलिस और नक्सलियों के बीच फिर मुठभेड़ हुई थी। अबूझमाड़ के इलाके में नक्सलियों ने फोर्स पर उस वक्त हमला बोला, जब पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सात नक्सलियों के शव लेकर वापस लौट रही थी। इस दौरान एनकाउंटर में एक और नक्सली मारा गया। इस तरह कुल 8 नक्सली मारे गये।  

25 मई को सुकमा और बीजापुर जिले में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर हुए थे। 8 जून अबूझमाड़ के आमदई एरिया में छह नक्सली मारे गये। 10 मई बीजापुर में पुलिस फोर्स ने एनकाउंटर में 12 नक्सलियों को मार गिराया और 15 जून को नारायणपुर जिले के ओरछा थाना के फरसबेड़ा-धुरबेड़ा के बीच सुरक्षाबलों की नक्सलियों के मुठभेड़ में आठ नक्सलियों ढेर किए गए।

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