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रायपुर: बस्तर में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार, रावघाट तक जल्द शुरू होगी मेमू ट्रेन, सात दशक का सपना होगा साकार
Mon, 12 Oct 2026 03:44 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Mon, 12 Oct 2026 03:44 PM IST
सार
रेलवे बोर्ड ने रायपुर-रावघाट मेमू ट्रेन की समय-सारिणी जारी कर दी है लेकिन 12 अक्टूबर से प्रस्तावित शुरुआत का उद्घाटन फिलहाल टल गया है। नई सेवा से वनांचल में आवागमन और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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रावघाट तक जल्द दौड़ेगी मेमू ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक और कदम बढ़ाया जा रहा है। कांकेर जिले में ताड़ोकी से करीब 17 किलोमीटर आगे रावघाट तक जल्द रेल सेवा शुरू होने की तैयारी है। रेलवे बोर्ड ने रायपुर से रावघाट तक मेमू ट्रेन के संचालन की समय-सारिणी जारी कर दी है। इस सेवा से क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही के साथ कृषि उपज, वनोपज और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा भिलाई स्टील प्लांट के लिए लौह अयस्क की आपूर्ति में भी सुविधा हो सकती है। ट्रेन का संचालन 12 अक्टूबर से शुरू करने की योजना थी लेकिन रेल मंत्री का प्रस्तावित दौरा रद्द होने के कारण उद्घाटन फिलहाल टल गया है।
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वनांचल में रेल सेवा का होगा विस्तार
दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेल लाइन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब रावघाट से जगदलपुर के बीच करीब 140 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने का काम आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रस्तावित रेल कनेक्टिविटी से बस्तर के दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों में आवागमन आसान होने के साथ सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। रेल सेवा शुरू होने से स्थानीय लोगों को परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। साथ ही कृषि उपज और वनोपज को बाजार तक पहुंचाने तथा क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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चुनौतीपूर्ण रहा रेल लाइन का निर्माण
घने जंगलों और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में रेल लाइन का निर्माण तकनीकी और सुरक्षा की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहा है। निर्माण कार्य में लगे इंजीनियरों और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार रेल लाइन के आसपास लगभग हर पांच किलोमीटर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के शिविर स्थापित किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया।
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दशकों पुरानी रेल कनेक्टिविटी की मांग
बता दें कि रायपुर से जगदलपुर को रेल मार्ग से जोड़ने की मांग वर्ष 1955 से की जाती रही है। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय वर्ष 1993 में योजना आयोग ने इस परियोजना को मंजूरी दी थी लेकिन इसके क्रियान्वयन में लंबे समय तक देरी हुई।
छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने के प्रयास तेज हुए। 24 दिसंबर 2007 को राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी), स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल), छत्तीसगढ़ सरकार और रेलवे के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ। इसके तहत दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना को आगे बढ़ाने की योजना बनाई गई। प्रस्तावित रेल मार्ग की कुल लंबाई लगभग 235 किलोमीटर बताई गई थी। इसके पहले चरण में दल्लीराजहरा से रावघाट और दूसरे चरण में रावघाट से जगदलपुर तक रेल लाइन विकसित करने का लक्ष्य रखा गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 अक्टूबर 2023 को जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ताड़ोकी तक रेल सेवा का शुभारंभ किया था। अब इस सेवा को रावघाट तक विस्तारित करने की तैयारी है। रेलवे बोर्ड द्वारा समय-सारिणी जारी किए जाने के बाद रावघाट तक ट्रेन संचालन की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि उद्घाटन की नई तारीख और नियमित सेवा शुरू होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।