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IGKV पेपर लीक केस: एंटोमोलॉजी की परीक्षा रद्द, पांच सदस्यीय समिति गठित, CM साय बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई
Fri, 21 Aug 2026 10:05 AM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Fri, 21 Aug 2026 10:05 AM IST
सार
Raipur IGKV Paper Leak Case: छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) में एंटोमोलॉजी पेपर लीक का मामला सामने आया है। इसके बाद राज्य की साय सरकार एक्शन में है। मामले में कार्रवाई को लेकर पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है।
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- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
Raipur IGKV Paper Leak Case: छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) में एंटोमोलॉजी पेपर लीक का मामला सामने आया है। इसके बाद राज्य की साय सरकार एक्शन में है। मामले में कार्रवाई को लेकर पांच सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस संबंध में सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि यह मामला मेरे संज्ञान में है। परीक्षा रद्द कर दी गई है। पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत जांच समिति गठित करने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं: मंत्री रामविचार नेताम
मामले में मंत्री नेताम ने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटना काफी गंभीर है। इसमें जो भी व्यक्ति दोषी होगा। उसके विरुद्ध जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों का हित सर्वोच्च है। निरस्त परीक्षा की आगामी तिथि जल्द तय की जाएगी और परीक्षार्थियों को इसकी समय पर इसकी सूचना जारी की जायेगी।
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क्या था मामला
बता दें कि बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले मिल गई थी। सुबह 8:50 बजे कवर्धा से प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए साढ़े दस बजे परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया। मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी। इसके बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्रों की सेटिंग एवं छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर होता है। इसके बाद प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को भेजे जाते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत जांच समिति गठित करने और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश के बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई है।
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छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं: मंत्री रामविचार नेताम
मामले में मंत्री नेताम ने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और छात्रों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटना काफी गंभीर है। इसमें जो भी व्यक्ति दोषी होगा। उसके विरुद्ध जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों का हित सर्वोच्च है। निरस्त परीक्षा की आगामी तिथि जल्द तय की जाएगी और परीक्षार्थियों को इसकी समय पर इसकी सूचना जारी की जायेगी।
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क्या था मामला
बता दें कि बीएससी द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले मिल गई थी। सुबह 8:50 बजे कवर्धा से प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए साढ़े दस बजे परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया। मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति बनाई है। समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी। इसके बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्रों की सेटिंग एवं छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर होता है। इसके बाद प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को भेजे जाते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।