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Chhattisgarh: सावधान! बंद क्रेडिट कार्ड से लाखों की ठगी, बैंक अधिकारी बन महिला को दिया ऐसा झांसा; थाने में केस

Tue, 04 Mar 2025 12:09 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़ Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 04 Mar 2025 12:09 PM IST
सार

रायगढ़ में क्रेडिट कार्ड को बंद करवाने के नाम पर महिला से लाखों की ठगी की वारदात सामने आई है। पीड़िता ने बताया कि उसके पति के निधन के बाद उक्त क्रेडिट कार्ड का उपयोग वह नहीं करती थी। इसलिये वह अज्ञात व्यक्ति के झांसे में आ गई। 

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woman cheated of lakhs of rupees in name of closing her credit card In Raigarh
anuj crime - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए क्रेडिट कार्ड को बंद करवाने के नाम पर महिला से लाखों की ठगी कर लेने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज करते हुए पूरे मामले को जांच में जुट गई है।

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मिली जानकारी के मुताबिक, चक्रधर नगर थाने में पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए बताया कि 2 दिसम्बर की दोपहर तीन बजे उसके मोबाइल नंबर पर अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल नंबर से फोन कर खुद को बैंक अधिकारी बताया था। और कहा कि आपके पति का भारतीय स्टेट बैंक का क्रेडिट कार्ड का वार्षिक एमाउंट आपके एकाउंट से कटेगा। अगर आप इससे बचना चाहते हैं, तो आप अपने पति के नाम से जारी क्रेडिट कार्ड को बंद करवा दीजिए।
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पीड़िता ने बताया कि उसके पति के निधन के बाद उक्त क्रेडिट कार्ड का उपयोग वह नहीं करती थी। इसलिये वह अज्ञात व्यक्ति के झांसे में आ गई। अपने पति के नाम से जारी क्रेडिट कार्ड को बंद करवाने के लिए पूछताछ की। इस दौरान अज्ञात व्यक्ति ने महिला को बताया कि वह अपने मोबाइल नंबर से उक्त अज्ञात व्यक्ति के पास व्हास्ट्एप के जरिए फोन कर स्क्रीन शेयरिंग करे तब उसे आगे का प्रोसिजर बताया जायेगा।
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इसके बाद अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल नंबर से स्वयं महिला के मोबाईल नंबर पर कॉल कर स्क्रीन शेयरिंग करने के लिए मनाता रहा। इस दौरान महिला ने विवश होकर अपने उक्त मोबाइल नंबर से अज्ञात व्यक्ति को उसके पास स्क्रीन शेयरिंग की। महिला ने बताया कि स्क्रीन शेयरिंग करने के पश्चात अज्ञात व्यक्ति ने कहा कि जिस क्रेडिट कार्ड को बंद करवाना हैं, उसका फोटो खिचिए और अपने मोबाइल से एसबीआई कार्ड एप प्ले स्टोर से डाउनलोड कर लॉगिंग कीजिए।

महिला ने बताया की एप डाउनलोड कर लॉगिंग के दरम्यान अज्ञात व्यक्ति को उसका एसबीआई एकाउंट का पासवर्ड और लॉगिंग आईडी. दिख गया। महिला ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने उससे कहा कि आपके तरफ से लॉगिंग नहीं हो रहा है, तो वह स्वयं संपूर्ण प्रक्रिया को पूरा करके उसके पति के नाम से जारी क्रेडिट कार्ड को बंद करवा देगा। इसके पश्चात् उसने महिला को एक नंबर पर कॉल करवाया। जिससे कॉल फॉरवर्ड हो गया और ओटीपी आने लगे। 

महिला ने जब इतना सारा ओटीपी क्यों आ रहा हैं और खाते से पैसा तों नहीं कटेगा पूछा तो अज्ञात व्यक्ति ने महिला को भरोसा दिलाया कि आपके खाते से पैसे नहीं कटेगा आप निश्चित रहिए और यह संपूर्ण प्रक्रिया खत्म होने ही वाली है। इसके पश्चात उसके द्वारा पुनः महिला से कहा गया कि यदि आपके पति के नाम से कोई और सेविंग एकाउंट है या क्रेडिट कार्ड है, तो कन्फर्मेशन के लिए उसका नंबर दीजिए और अपने मोबाल नंबर से स्क्रीन शेयरिंग करिए।
 
महिला ने बताया कि वह अपने पति के नाम से संचालित आईसीआईसीआ  सेविंग एकाउंट नंबर-01 को अज्ञात व्यक्ति को बताया। आईसीआईसीआई से एक कॉल आया और एक दबाने को कहा गया। फिर उसने एक एप पीएम किसान योजना निधि डाउनलोड करवाया। 

बैलेंस चेक करने पर हुआ ठगी का एहसास 
महिला ने बताया कि जब उसने अपना एसबीआई एकाउंट नंबर-4 चेक किया, तो इसमें पूर्व का बैलेंस 5 लाख 79 हजार 746 रूपये से कम होकर 9 हजार 461 रुपये बैलेंस दिखा। महिला ने बताया कि इस दरम्यान उसके पति के आईसीआईसीआई सेविंग एकाउंट नंबर-01 से तीन ट्रांजेक्शन हुए। जिसमें पूर्व बैलेंस 1 लाख 45 हज़ार 923 रुपये से घटकर 6 हजार 926 रुपये बैलेंस बचा हुआ है। तब महिला को पता चला कि अज्ञात व्यक्ति के झांसे में आकर वह ठगी का शिकार हो चुकी है।

पहले ही बंद हो चुका था क्रेडिट कार्ड
महिला ने संबंधित दोनों बैंक से संपर्क कर पूछताछ कर जानकारी प्राप्त की। तब संबंधित बैंक के द्वारा महिला को यह बताया गया कि उसके साथ ठगी हुई है। आपके पति के नाम से जारी क्रेडिट कार्ड पूर्व में ही बंद हो चुका है। इस प्रकार उक्त अज्ञात व्यक्ति के द्वारा स्वयं को एक बैंक अधिकारी होना बताते महिला से कुल 7 लाख 9 हजार 648 रुपये की ठगी की घटना को अंजाम दिया गया है।


आरोपी के खिलाफ हुआ एफआईआर 
बहरहाल पीड़िता की शिकायत के बाद चक्रधर नगर थाने की पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318(4),319(2) BNS के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में ले लिया है।

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