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शादी घर जा रही नाबालिग को जंगल ले जाकर किया दुष्कर्म: अदालत ने आरोपी को सुनाई अंतिम सांस तक कारावास की सजा

Wed, 30 Sep 2026 09:07 PM IST
रायगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़ Published by: रायगढ़ ब्यूरो Updated Wed, 30 Sep 2026 09:07 PM IST
सार

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपी अकील साय को दोषी ठहराते हुए प्राकृतिक जीवन के शेष समय तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और पीड़िता को 7 लाख रुपये सहायता दिलाने की अनुशंसा की है।

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Minor raped after being taken to the forest while on her way to a wedding; court sentences accused to imprison
बलात्कार के आरोपी को अंतिम सांस तक कारावास की सजा

विस्तार

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सहेली के साथ शादी घर जा रही नाबालिग को जंगल ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को अदालत में अंतिम सांस तक आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित किया है।
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मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि धरमजयगढ़ थाने में पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट लिखाते हुए बताया था कि 14 दिसंबर की शाम उसकी नाबालिग बेटी अपने सहेली के साथ गांव में आयोजित शादी घर जा रही थी। इस दौरान आरोपी अकील साय पहाड़ी कोरवा, रास्ते में उसे खींच कर जंगल ले गया और उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया।
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इस घटना के बाद पीड़िता अपने घर पहुंची और उसने अपने पिता को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पीड़िता की हालत खराब होने पर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता के पिता की रिपोर्ट के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 भारतीय दण्ड संहिता एवं धारा 4, 6 पाक्सो एक्ट के तहत न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया था।
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इस मामले में विशेष न्यायालय के विद्वान न्यायाधीश श्रीमान शहाबुद्दीन कुरैशी ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी साक्षियों के बयान दर्ज कराया तथा उभय पक्ष के तर्क श्रवण करने के पश्चात आरोपी अकिल साय कोरवा को उपरोक्त धाराओं का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (शेष प्राकृतिक जीवन काल तक) की सजा सुनाई तथा 5 हजार रुपए के अर्थ दण्ड से दण्डित किया। साथ ही पीड़िता को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से 7 लाख रुपए दिलाये जाने की अनुशंसा की गई है। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक श्रीमती अर्चना मिश्रा ने प्रभावी ढंग से पैरवी की।
 
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