Raigarh: उद्योग प्रबंधन नदी किनारे अवैध रूप से डंप कर रहा फ्लाईएश, एनजीटी के आदेशों की उड़ा रहे धज्जियां
केलो नदी के किनारे गेरवानी के सामने जगह-जगह जंगल के बीच में फ्लाईएश डाला जा रहा है वहीं 18 नाला सड़क किनारे भी फ्लाईएश डंप कर दिए गए हैं ।
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एनजीटी के आदेशों के विपरित तमनार क्षेत्र के जंगल व नदी किनारे उद्योग प्रबंधन फ्लाईएश अवैध रूप से डंप करा रहे हैं। इसके कारण लोगों को समस्या होने लगी है। उद्योग प्रबंधन की मनमानी और पर्यावरण विभाग की खामोशी को लेकर क्षेत्र के लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
केलो नदी के किनारे गेरवानी के सामने जगह-जगह जंगल के बीच में फ्लाईएश डाला जा रहा है वहीं 18 नाला सड़क किनारे भी फ्लाईएश डंप कर दिए गए हैं इसी प्रकार तमनार के गारे 4/1 कोयला खदान आमगांव जाजगीर में बिना ओभर बर्डन मिलायें ही फ्लाईएश हर रोज डंप किया जा रहा है। जबकि गौर करने वाली बात है कि एनजीटी ने फ्लाईएश का निराकरण सिर्फ लो लाईन एरिया में ही करने ओबी के साथ करने के लिए कहा है। इसके कारण आम जन परेशान है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जंगल के अंदा फ्लाईश के अवैध डंपिंग के कारण जंगल खत्म हो रहे हैं। पेड़-पौधों पर इसका नुकसान देखने को मिल रहा है। वहीं यह भी बताया जा रहा है नदी किनारे डंप किए गए फ्लाईएश वर्तमान में हवा के साथ उड़कर नदी के पानी में जा रहा है आने वाले समय में बारिश के मौसम में यह पूरा फ्लाईएश केलो नदी में बहने लगेगा।
गेरवानी में तो कई किलोमीटर तक बना है सड़कगेरवानी के अंदर के जंगलों में कई स्टील और पॉवर प्लांट हैं, जहां से कई टन फ्लाई ऐश निकलती हैं। इन कंपनियों के पास फ्लाई ऐश डंप करने की कोई जगह नहीं है, इसलिए कई कंपनियां फ्लाईऐश जंगलों में डंप कर रही है। गेरवानी के पूर्व ही रिंकु ढाबा के सामने जंगल के अंदर जाने के लिए मार्ग बना हुआ है जहां अंदर कई किलोमीटर तक फ्लाईएश की सड़क मिलेगी। इतना ही नहीं अंदर जाने पर कई जगह फ्लाईश का ढेर खाली जगह में पड़े मिलेंगे।
पहले किया अवैध डंप अब पाटने का प्रयासजंगलों में जगह-जगह फ्लाईऐश का पहाड़ खड़ा हो गया है। जबकि यहां फ्लाईएश डंप करने के लिए कोई अनुमति ही नहीं जारी हुई है। कई जगह ऐसे पहाड़ों को मिट्टी से पाटने का भी प्रयास किया जा रहा है। जब हवा चलती है तो फ्लाईऐश उड़कर आसपास के गांवों में भी जा रही है। फ्लाईऐश के लिए नियम कंपनियों से उत्सर्जित फ्लाईऐश को कंपनियों को कई तरह के प्रोडक्ट बनाने का नियम है। यदि यह उद्योग इसे प्रोडक्ट नहीं बना सकते तो खाली पड़े कोयला या अन्य खदान में इसे डंप कर भरा जाना होता है। यहां कई खादानें खाली हैं पर इसे भरने के लिए फ्लाई ऐश डंप नहीं किया जाता है।
वर्सनफ्लाईएश को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। लो-लाईन एरिया में ही डंप करने के लिए निर्देश दिया जा रहा है। इसके बाद भी अवैध डंपिंग की सूचना पर कार्रवाई की जा रही है। -अंकुर गुप्ता, जिला पर्यावरण अधिकारी