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नाबालिग को मिला इंसाफ: रायगढ़ में दोषी को कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा, बहला-फुसलाकर दिया था शादी का झांसा
Sat, 23 Aug 2025 10:08 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 23 Aug 2025 10:08 PM IST
सार
रायगढ़ में नाबालिग को शादी का झांसा देकर अनाचार करने के आरोपी कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत को पाक्सो एक्ट की अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे दोषी साबित किया।
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court room
- फोटो : ANI
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विस्तार
नाबालिग को बहला-फुसलाकर शादी का झांसा देते हुए अनाचार करने के मामले में पाक्सो एक्ट की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 5 हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पीड़िता की मां प्रार्थी ने थाना-बालकोनगर, जिला कोरबा में इस आशय की लिखित शिकायत की है कि वह अपने पति एवं बच्चों के साथ रहती है। उसका अपने पति के साथ अच्छा संबंध नहीं था। उसके पति की मृत्यु के पक्षात् अपनी पुत्री पीडिता उम्र 14 वर्ष एवं पुत्र अपने दादा-दादी के पास रहते है।
29 मार्च 2024 को वह अपनी पुत्री पीड़िता को अपने पास लेकर आई थी और पीड़िता उसके साथ रह रही थी। 10 मई 2024 को पीड़िता के मोबाइल को देखी तो पीड़िता कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत 29 साल से मोबाइल में ज्यादा बात करती थी तो वह मोबाइल को अपने पास रख ली तो पीड़िता उससे विवाद करने लगी और जाऊंगी कहकर अपने कपड़ा पैक कर लिया।
इस दौरान पीड़िता को उसकी मां ने समझाया कि वह उसे घर छोड़ देगी तब पीड़िता घर में रखे सिंदूर को स्वतः पी ली तब यह घरेलू उपचार कर उल्टी करवाये जाने पर वह ठीक हो गई। दूसरे दिन 12 मई 2024 को अपने बड़े पिता के घर गयी और बोली कि घर पहुंचा दो तो उसके बड़े पापा एक-दो दिन में पहुंचा दूंगा बोले तब पीड़िता अपनी मर्जी से चली गई।
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पीड़िता के मां के द्वारा कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत से मोबाइल से बात कर पीड़िता के संबंध में पूछे जाने पर पीड़िता को उसके पास नहीं होना बताया गया। 14 मई 2024 को पीड़िता एवं कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत उसके घर आये तथा पीड़िता द्वारा मोटरसायकल से गिरने से चोट लगना बताया था और पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि एक वर्ष पूर्व से कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत के द्वारा बहला-फुसलाकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता की मां ने बालको नगर थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया गया। जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 भारतीय दण्ड संहिता एवं धारा 6 लैंगिक अपराधों में बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई, पुलिस की विवेचना के दौरान पीड़िता के कथत तथा अन्य विषयों पर खुलासा होनें के बाद इस मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 376 (2) (ढ) का अपराध पंजीबद्ध कर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी पाक्सो की अदालत में प्रस्तुत किया।
जहां न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने दोनों पक्षों की सुनवाई पश्चात आरोपी कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 5 हजार के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड न पटाने पर आरोपी को अतिरिक्त चार माह का कारावास भुगताने की व्यवस्था निर्णय में दी गई है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।
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29 मार्च 2024 को वह अपनी पुत्री पीड़िता को अपने पास लेकर आई थी और पीड़िता उसके साथ रह रही थी। 10 मई 2024 को पीड़िता के मोबाइल को देखी तो पीड़िता कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत 29 साल से मोबाइल में ज्यादा बात करती थी तो वह मोबाइल को अपने पास रख ली तो पीड़िता उससे विवाद करने लगी और जाऊंगी कहकर अपने कपड़ा पैक कर लिया।
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इस दौरान पीड़िता को उसकी मां ने समझाया कि वह उसे घर छोड़ देगी तब पीड़िता घर में रखे सिंदूर को स्वतः पी ली तब यह घरेलू उपचार कर उल्टी करवाये जाने पर वह ठीक हो गई। दूसरे दिन 12 मई 2024 को अपने बड़े पिता के घर गयी और बोली कि घर पहुंचा दो तो उसके बड़े पापा एक-दो दिन में पहुंचा दूंगा बोले तब पीड़िता अपनी मर्जी से चली गई।
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पीड़िता के मां के द्वारा कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत से मोबाइल से बात कर पीड़िता के संबंध में पूछे जाने पर पीड़िता को उसके पास नहीं होना बताया गया। 14 मई 2024 को पीड़िता एवं कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत उसके घर आये तथा पीड़िता द्वारा मोटरसायकल से गिरने से चोट लगना बताया था और पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि एक वर्ष पूर्व से कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत के द्वारा बहला-फुसलाकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता की मां ने बालको नगर थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया गया। जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 भारतीय दण्ड संहिता एवं धारा 6 लैंगिक अपराधों में बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई, पुलिस की विवेचना के दौरान पीड़िता के कथत तथा अन्य विषयों पर खुलासा होनें के बाद इस मामले में आरोपी के खिलाफ धारा 376 (2) (ढ) का अपराध पंजीबद्ध कर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी पाक्सो की अदालत में प्रस्तुत किया।
जहां न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने दोनों पक्षों की सुनवाई पश्चात आरोपी कान्हू उर्फ कन्हैया दास महंत को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 5 हजार के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड न पटाने पर आरोपी को अतिरिक्त चार माह का कारावास भुगताने की व्यवस्था निर्णय में दी गई है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।