Balrampur: समय पर धान उठाव होने से करोड़ों रुपये का हो रहा फायदा, संग्रहण केंद्र की नहीं पड़ेगी जरूरत
जिला विपणन अधिकारी सतीश नवनावरे ने कहा कि समय पर धान का उठाव हो जा रहा है एवं मिलिंग भी समय पर हो जा रही है जिस कारण संग्रहण केंद्र में बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
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बलरामपुर रामानुजगंज जिले के 49 धान उपार्जन केंद्रों में धान की खरीदी की जा रही है। पिछले वर्ष भी समय पर धान का उठाव होने के कारण संग्रहण केंद्रों में भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ी थी। वहीं इस वर्ष भी समय पर उठाव हो रहा है जिससे संग्रहण केंद्र भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ऐसे में शासन को करोड़ों रुपये की बचत होगी। जहां पहले संग्रहण भी केंद्र भेजने में एवं उसके रखरखाव में करोड़ों रुपए खर्च होते थे उससे अब बचत होगी। समय पर धान का उठाव होने पर सहकारी समितियों को भी फायदा मिल रहा है।
गौरतलब है कि अब तक जिले के 49 धान उपार्जन केंद्रों में 23130 टन धान की खरीदी की जा चुकी है। वहीं 11465 टन धान का उठाव भी हो चुका है। सहकारी समितियां से जिला विपणन अधिकारी से एग्रीमेंट में 72 घंटे में उठाओ का प्रावधान होता था परंतु उठाओ महीना भी नहीं हो पाता था यहां तक की कई बार सहकारी समितियां के द्वारा उठाव के लिए उच्च अधिकारियों को पत्राचार भी किया जाता था इसके बाद भी उठाव की स्थिति नहीं सुधर पाती थी। लेकिन बीते वर्ष से उठाव समय पर होने से इसका फायदा सहकारी समितियों को जहां मिल रहा है वहीं शासन को करोड़ों रुपये की बचत हो रही है। सन 2021-22 में 21 लाख टन गम्हरिया एवं डकवा में तीन लाख टन धान का संग्रहण किया गया था इसके रखरखाव एवं परिवहन में करोड़ों रुपये खर्च हुए थे।
संग्रहण केंद्रों में रखे रखे धान में सोखती जाता था
जिले के डकवा एवं गम्हरिया संग्रहण केंद्र में धन को खुले आसमान के नीचे रखा जाता था परंतु ढकने के लिए केप कवर भी लगाया जाता था लेकिन इसके बाद भी धान सोखती जाता था जिससे शासन को काफी नुकसान होता था
जिला विपणन अधिकारी सतीश नवनावरे ने कहा कि समय पर धान का उठाव हो जा रहा है एवं मिलिंग भी समय पर हो जा रही है जिस कारण संग्रहण केंद्र में बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।