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CG: शराब के नशे में स्कूल पहुंचने वाला प्रिंसिपल निलंबित, ग्रामीणों की शिकायत के बाद डीईओ ने की कार्रवाई
Thu, 10 Apr 2025 12:50 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, सक्ती
अमर उजाला नेटवर्क, सक्ती
Published by: श्याम जी.
Updated Thu, 10 Apr 2025 12:50 PM IST
सार
जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र चंद्रा ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पूरी तरह सही पाई गई। ऐसे शिक्षक जो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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ग्राम पंचायत रेड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले में चल रहे आकस्मिक निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत रेड़ा में एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई। शासकीय प्राथमिक शाला खैरा के प्रधानाध्यापक भानु प्रताप उइके शराब पीकर स्कूल पहुंचे थे। शिकायत पर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) नरेंद्र चंद्रा ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
ग्रामीणों ने की थी शिकायत
ग्राम पंचायत रेड़ा में जब डीईओ निरीक्षण के लिए पहुंचे, तब ग्रामीणों ने खुलकर प्रिंसिपल की शिकायत की। उनका कहना था कि भानु प्रताप उइके अक्सर शराब के नशे में स्कूल आते हैं। बच्चों की पढ़ाई में कोई रुचि नहीं लेते और बिना सूचना के कई दिनों तक अनुपस्थित रहते हैं।
आकस्मिक निरीक्षण में हुआ खुलासा
निरीक्षण के दौरान डीईओ ने पाया कि प्रधान पाठक तीन दिनों से बिना सूचना के अनुपस्थित हैं। स्थानीय शिक्षकों और ग्रामीणों के बयान के बाद उन्होंने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए निलंबन आदेश जारी किया। डीईओ ने साथ ही अन्य शालाओं में भी शिक्षकों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की जांच की।
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ग्रामीणों ने जताया आभार
डीईओ की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से स्कूलों की व्यवस्था में सुधार होगा और बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी। जिला शिक्षा अधिकारी सक्ती नरेंद्र चंद्रा ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पूरी तरह सही पाई गई। ऐसे शिक्षक जो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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ग्रामीणों ने की थी शिकायत
ग्राम पंचायत रेड़ा में जब डीईओ निरीक्षण के लिए पहुंचे, तब ग्रामीणों ने खुलकर प्रिंसिपल की शिकायत की। उनका कहना था कि भानु प्रताप उइके अक्सर शराब के नशे में स्कूल आते हैं। बच्चों की पढ़ाई में कोई रुचि नहीं लेते और बिना सूचना के कई दिनों तक अनुपस्थित रहते हैं।
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आकस्मिक निरीक्षण में हुआ खुलासा
निरीक्षण के दौरान डीईओ ने पाया कि प्रधान पाठक तीन दिनों से बिना सूचना के अनुपस्थित हैं। स्थानीय शिक्षकों और ग्रामीणों के बयान के बाद उन्होंने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए निलंबन आदेश जारी किया। डीईओ ने साथ ही अन्य शालाओं में भी शिक्षकों की उपस्थिति और कार्यप्रणाली की जांच की।
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ग्रामीणों ने जताया आभार
डीईओ की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी का आभार जताते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई से स्कूलों की व्यवस्था में सुधार होगा और बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी। जिला शिक्षा अधिकारी सक्ती नरेंद्र चंद्रा ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पूरी तरह सही पाई गई। ऐसे शिक्षक जो बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।