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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संत गुरु घासीदास की जन्मस्थली गिरौदपुरी के दर्शन किए
टीम डिजिटल, अमर उजाला
Updated Mon, 06 Nov 2017 05:49 PM IST
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : President of India (@rashtrapatibhvn) _ Twitter
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को तपोभूमि गिरौदपुरी पहुंचे। राष्ट्रपति बनने के बाद ये उनका पहला छत्तीसगढ़ दौरा है।
राष्ट्रपति ने गुरु की गद्दी के दर्शन किए। गिरौदपुरी महान समाज सुधारक और संत गुरु घासीदास की जन्मस्थली है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संबोधन में कहा, "गुरु घासीदास जी के उपदेशों ने सतनामी समाज के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ को समाज सुधार की दिशा में आगे बढ़ाया है। गुरु घासीदास जी ने गरीबों, विशेषकर दलितों, के हित में तथा सभी सामाजिक बुराइयों और अन्याय के खिलाफ एक संघर्ष छेड़ा था। गुरु घासीदास ने नुकसानदेह धार्मिक रूढ़ियों पर प्रहार किया; महिलाओं के सम्मान पर जोर दिया और विधवा विवाह का समर्थन किया।"
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राष्ट्रपति ने गुरु की गद्दी के दर्शन किए। गिरौदपुरी महान समाज सुधारक और संत गुरु घासीदास की जन्मस्थली है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संबोधन में कहा, "गुरु घासीदास जी के उपदेशों ने सतनामी समाज के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ को समाज सुधार की दिशा में आगे बढ़ाया है। गुरु घासीदास जी ने गरीबों, विशेषकर दलितों, के हित में तथा सभी सामाजिक बुराइयों और अन्याय के खिलाफ एक संघर्ष छेड़ा था। गुरु घासीदास ने नुकसानदेह धार्मिक रूढ़ियों पर प्रहार किया; महिलाओं के सम्मान पर जोर दिया और विधवा विवाह का समर्थन किया।"
गुरु घासीदास ने नुकसानदेह धार्मिक रूढ़ियों पर प्रहार किया; महिलाओं के सम्मान पर ज़ोर दिया और विधवा विवाह का समर्थन किया— राष्ट्रपति कोविन्द
— President of India (@rashtrapatibhvn) November 6, 2017विज्ञापन
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"सरकार और जनता गुरू घासीदास के आदर्शों पर चलेंगे"
गुरू की गद्दी के बाद राष्ट्रपति ने विश्व के सबसे ऊंचे जैतखाम को भी देखने पहुंचे। इस दौरान राष्ट्रपति ने यहां एक सामुदायिक भवन का भी शिलान्यास किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक जैतखाम सतनामी समाज का केंद्र होने के साथ-साथ पूरे समाज के लिए शांति, अहिंसा, प्रेम और करुणा का प्रतीक है।
राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि सरकार और जनता गुरू घासीदास के आदर्शों पर चलेंगे।
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के अलावा प्रदेश सरकार के कई मंत्री और आला अफसर मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव मनाया जा रहा है, जिसके समापन समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे।
राष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक जैतखाम सतनामी समाज का केंद्र होने के साथ-साथ पूरे समाज के लिए शांति, अहिंसा, प्रेम और करुणा का प्रतीक है।
राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि सरकार और जनता गुरू घासीदास के आदर्शों पर चलेंगे।
मुझे विश्वास है छत्तीसगढ़ की जनता और सरकार गुरु घासीदास के आदर्शों के अनुसार समानता पर आधारित समाज का निर्माण करते रहेंगे—राष्ट्रपति कोविन्द
— President of India (@rashtrapatibhvn) November 6, 2017
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह के अलावा प्रदेश सरकार के कई मंत्री और आला अफसर मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ में राज्योत्सव मनाया जा रहा है, जिसके समापन समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे।