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छत्तीसगढ़ में गोठान पर बवाल और सियासतः बीजेपी बोली- 1300 करोड़ का घोटाला, कांग्रेस ने दिया करारा जवाब

Mon, 15 May 2023 04:08 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Mon, 15 May 2023 04:08 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ में गोठान पर सियासत गर्म है। जमकर बवाल मचा हुआ है। इस मामले में बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। एक दूसरे पर सियासी तीर छोड़ने में लगे हैं।

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politics on Gothan in Chhattisgarh, bjp says 1300 crore scam in CG
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, ओ.पी. चौधरी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ में गोठान पर सियासत गर्म है। जमकर बवाल मचा हुआ है। इस मामले में बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। एक दूसरे पर सियासी तीर छोड़ने में लगे हैं। बीजेपी ने आज रायपुर से 25 किलोमीटर दूर जाकर गौठानों में 1300 करोड़ का गौठान घोटाला किए जाने का आरोप लगाया, तो कांग्रेस ने भी गोठान पर बीजेपी को घेरते हुए तंज कसा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने आज भाजपा के प्रतिनिधि मंडल एवं कार्यकर्ताओं ने साथ गोठान का अचानक निरीक्षण किया। पत्रकारों को मौके पर ले जाकर सभी गोठान का हाल दिखाया। इस दौरान गोठान में न गाय मिली न गोबर बेचा जा रहा था। गोठान में गाय के रखरखाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं मिली। 
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अरुण साव ने कहा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार जबसे सत्ता में आयी है, उसने बेदर्दी से प्रदेश के संसाधनों की लूट की है। रोज प्रकाश में आते घपले-घोटालों की खबरों से छत्तीसगढ़ शर्मसार हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को कलंकित किया है। सबसे शर्मनाक घोटाला इस सरकार ने गोमाता के नाम पर किया है। कथित नरवा, गरवा, घुरवा, बारी के नाम पर इसने वोट हासिल किया। छत्तीसगढियों की भावना से खिलवाड़ किया और इस मद में भी अभी तक सामने आए तथ्यों के अनुसार गोठान के नाम पर विभिन्न मदों से खर्च की गयी 1300 करोड़ से अधिक की राशि का दुरुपयोग कर इसमें भारी घोटाला किया गया है।
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उन्होंने कहा कि हम अभी शासन का एक गोठान देखने आए हैं। गोठान के नाम पर गोरखधंधा चल रहा है। जब राजधानी के पास के गोठान का यह हाल है, तो गांव देहातों के गोठान और उस के नाम पर मची लूट की कल्पना कर सकते हैं। गोठान के नाम पर चल रहे गोरखधंधे में कांग्रेस सरकार ने सबसे अधिक पंचायतों/सरपंचों के हक पर ही डाका डाला है। विभिन्न मदों में पंचायतों के विकास के लिए आयी राशि को सरपंचों से छीन कर सीधे उसे अनेक बहानों के साथ बंदरबांट कर लिया गया है। 

‘चलबो गोठान-खोलबो पोल’ अभियान शुरू करेगी बीजेपी
भारतीय जनता पार्टी गोठान को लेकर भ्रष्टाचार के ख़िलाफ जन-जागरण के लिए एक प्रदेशव्यापी ‘चलबो गोठान-खोलबो पोल’ अभियान शुरू करेगी। यह अभियान 20 मई से शुरू होगा। अभियान में हर मंडल में प्रदेश से नेतागण जायेंगे।सभी नेतागण कम से कम 10 गोठानों का दौरा करेंगे। वहां ग्रामीणों से मिलेंगे और उनके यहां के गोठानों में जा कर का जमीनी हाल पता करने ‘गोठान का गोठ’ करेंगे। क्वेश्चनेयर के माध्यम से गोठानों से संबंधित 10 सवाल हर जगह पूछे जायेंगे।

बीजेपी ने गोठान पर उठाए सवाल
  1. सरकारी दावे के अनुसार ही बात करें तो प्रदेश में कथित तौर पर 9790 गोठान कार्यरत हैं। शोभा के लिए बने कुछ कथित ‘आदर्श गोठानों’ को छोड़ दें तो कहीं भी कोई व्यवस्था नहीं है।
  2. प्रत्येक गोठान में लगभग 8 लाख से 19 लाख रुपया खर्च किया है। इसके अलावा 10 हजार रुपया प्रतिमाह रखरखाव के नाम पर अलग से गोठानों के नाम पर भेजा जा रहा है, उसका अधिकांश भाग भ्रष्टाचार की ही भेंट चढ़ रहा है।
  3. घोटाले बिना रोक-टोक के जारी रहे इसलिए नियमानुसार गोठान समिति का चुनाव भी नहीं कराया गया है। बड़ी संख्या में इसमें सत्ता के करीबियों ने बिना चुनाव के ही कब्जा कर लिया है।
  4. भारत सरकार ने मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, 14वां वित्त, 15वां वित्त, एलड्ब्ल्यूजी, रूर्बन, डीएमएफ जैसे मदों में राशि भेजी है। उस पैसों को भी डायवर्ट कर गोठान के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया गया।
  5. विकास कार्यों के लिए आए तमाम पैसों को डायवर्ट कर देने के कारण पंचायतों में पैसे ही नहीं बचे। सभी जगह विकास के तमाम कार्य ठप हैं। गांवों में रोड, नालियां आदि बनना बंद है।
  6. प्रत्येक गोठान में 300 गाय रखने का नियम है। शायद ही किसी में इतनी गायें हों।
  7. इसी तरह गोबर खरीदी के नाम पर प्रति माह करोड़ों का भुगतान कांग्रेस सरकार कर रही है। लेकिन वे पैसे कहां जाते हैं, इसका कोई पता नहीं है। इस ख़रीदी के नाम पर ऐसे-ऐसे लोगों के नाम भुगतान किए गए हैं, जो संबंधित स्थनाओं पर रहते भी नहीं हैं। भाजपा ने उसकी शिकायत भी अनेक जगह की है।
  8. सदन में सरकार ने बताया कि गोठान निर्माण पर अभी तक 1019 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। वर्मी कम्पोस्ट के लिए टंकी बनाने के नाम पर 233 करोड़ खर्च किए गए हैं। 
  9. 2 रु. प्रति किलो में लोगों से कथित तौर पर गोबर खरीदा गया और वर्मी-कम्पोस्ट के नाम पर कंकड़-पत्थर मिलाकर वही गोबर 10 रु. प्रति किलो में उन्हें जबरन बेचा गया।
  10. प्रदेश में कुल 1976 ऐसे लोग हैं, जिनके नाम पर 1 लाख रुपए से अधिक गोबर के मद में भुगतान हुआ है। ये कौन लोग हैं, यह पड़ताल का विषय है।
  11. 174 करोड़ से अधिक गोबर खरीदी मद में दिए गए और सरकार का अनेक बार कहना हुआ कि गोबर सारा बह गया या खराब हो गया। जाहिर है ऐसी लगभग सारी खरीदी कागजों पर हुई है, और इसका पेमेंट सोसाइटियों से जबरन करा दिया गया।
  12. अनेक जगह गोठानों को नियम विरुद्ध अभयारण्यों में बनाना बताया गया है।
  13. इसी तरह रोका-छेका के नाम पर प्रोपगंडा किया गया, लेकिन न तो मवेशियों के लिए कोई खाने पीने का इंतज़ाम हुआ न ही उनके लिए कोई शेड आदि बने। हजारों गायों की मौत सड़कों पर दुर्घटना में या भूख से हो गयी।

सरकार द्वारा दिए गए अन्य आंकड़ों के अनुसार :-
‘प्रदेश 20 अप्रैल 2023 तक प्रदेश की 11 हजार पंचायतों में 10 हजार 6 सौ नब्बे गौठान स्वीकृत हुए हैं। जिसमें से 10 हजार से अधिक गौठान पूर्ण हो गये हैं।’ प्रति गोठान 300 गोवंश/पशु रहना था किन्तु गोठान खाली पड़े हैं।

वर्ष 2023-24 में भी 175 करोड़ 10 लाख रूपए बजट रखा गया। लेकिन अधिकांश गोठानों में गाय नहीं है, कहां गए प्रति गोठान 300 अर्थात् 30 लाख से अधिक गोवंश?
गोठानों में पैरा-कट्टी आदि की पर्याप्त व्यवस्था नही है। भूख से गायों के मरने की तमाम खबरें आयी हैं।
मवेशी की तस्करी भी बड़े पैमाने पर हुई है और उसे रोकने वाले गोरक्षक इस सरकार की नजर में अपराधी और गुंडे हैं।

 गोढ़ी गांव में बीजेपी और कांग्रेस में झड़प
मंदिर हसौद के गोढ़ी गौठान का निरीक्षण करने बीजेपी कार्यकर्ता पहुंचे थे। इस बीच कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। गोढ़ी गौठान की फोटो खींचने और वीडियो बनाने को लेकर विवाद हुआ है। झगड़े की स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। कार्यकर्ताओं में विवाद की स्थिति बढ़ने से बीजेपी कार्यकर्ता को चोट भी आई है। बीजेपी 20 मई से गौठान को लेकर विरोध प्रदर्शन करेगी। भाजपा आरोप लगाते हुए कहा कि जब निरीक्षण करने के लिए पहुंचे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने का कोशिश की जिस पर मारपीट हुई। इस बीच एक भाजपा कार्यकर्ता को भी चोटें आई हैं। 

 'भाजपा नेताओं को सांसदों के गोद लिए गांव में जाना चाहिए'
वहीं कांग्रेस का आरोप है कि गौठान पर बीजेपी के कार्यकर्ता अपनी पार्टी का झंडा लगा रहे थे। इसे मना करने पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से मारपीट की। उन्होंने कहा कि गोढ़ी गांव के सरपंच से धक्कामुक्की की गई। कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि गोढ़ी गांव की जनता ने भाजपा को करारा जवाब दिया है। भाजपा नेता लोगों को फर्जी आरोप लगाने मजबूर कर रहे थे। गोढ़ी के गौठान में चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था है।  भाजपा नेताओं को सांसदों के गोद लिए गांव में जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने जिस गांव को गोद लिया वहां जाना चाहिए।  भाजपा नेताओं के जाने का खर्च उठाने हम तैयार हैं। 
  
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