फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Politics heats up in Chhattisgarh over Indravati water sharing: Congress and BJP face off

इंद्रावती जल बंटवारे पर छत्तीसगढ़ में राजनीति गरमाई: कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने

Tue, 06 Oct 2026 02:21 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Tue, 06 Oct 2026 02:21 PM IST
सार

इंद्रावती नदी के जल बंटवारे और बाढ़ की स्थिति पर छत्तीसगढ़ में राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने जल वितरण को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

विज्ञापन
Politics heats up in Chhattisgarh over Indravati water sharing: Congress and BJP face off
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंद्रावती नदी के जल बंटवारे और बाढ़ की स्थिति पर छत्तीसगढ़ में राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने जल वितरण को लेकर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने बारिश के समय ओडिशा द्वारा छोड़े जाने वाले पानी और गर्मी में बस्तर को मिलने वाले जल की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने को कहा। इसके जवाब में भाजपा प्रवक्ता शिवनारायण पांडेय ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में हुए समझौतों की वजह से ही इंद्रावती नदी की आज यह हालत हुई है।
विज्ञापन


जल बंटवारे और समझौतों पर तकरार
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने जगदलपुर में संवाददाता सम्मेलन के दौरान इंद्रावती नदी के जल बंटवारे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि वर्षाकाल में ओडिशा से आने वाले जल और ग्रीष्मकाल में बस्तर को मिलने वाले पानी का ब्योरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इस पर भाजपा प्रवक्ता शिवनारायण पांडेय ने कहा कि दीपक बैज को सवाल उठाने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री नंदिनी सत्पथी और प्रकाश चंद्र सेठी के दौर के समझौतों की जानकारी लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत के गलत समझौतों के कारण ही इंद्रावती जल संकट झेल रही है।
विज्ञापन


बस्तर में उपयोग और चित्रकूट पर असर
भाजपा प्रवक्ता पांडेय ने कहा कि ओडिशा ने इंद्रावती नदी पर कई बांध बनाकर जल आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है, जबकि बस्तर में पानी के उपयोग के लिए अपेक्षित काम नहीं हुआ। वहां आज भी पारंपरिक तरीके से ही पानी का इस्तेमाल हो रहा है। इसके चलते गर्मी में नदी सूखने लगती है और चित्रकूट जलप्रपात भी प्रभावित होता है। पांडेय ने कहा कि चित्रकूट जलप्रपात बैज के क्षेत्र में आता है, इसलिए उन्हें पुरानी व्यवस्था पर भी सवाल पूछने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाढ़ प्रबंधन और राहत की मांग
सूचना तंत्र पर सवाल उठाते हुए दीपक बैज ने कहा कि यदि समय पर पानी छोड़े जाने और जलस्तर बढ़ने की जानकारी मिल जाती, तो नुकसान कम होता। उन्होंने मांग की कि बाढ़ प्रभावित परिवारों का घर-घर सर्वेक्षण कराया जाए तथा जब तक लोग सुरक्षित न लौटें, तब तक उनके भोजन, राशन और आवास का प्रबंध किया जाए।


मौसम की स्थिति और सूचना तंत्र पर जवाब
भाजपा प्रवक्ता शिवनारायण पांडेय ने कहा कि चार-पांच दिनों की वर्षा चक्रवात के कारण देश भर में हुई थी। उन्होंने दावा किया कि प्रशासन को पानी छोड़े जाने की पूर्व सूचना तीन-चार दिन पहले मिल चुकी थी और कांग्रेस बिना पूरी जानकारी के केवल बयानबाजी कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed