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CG: 'धान के समर्थन मूल्य में महज 69 रु की वृद्धि '; कांग्रेस बोली- किसानों के हक पर डकैती डाल रही साय सरकार
Fri, 30 May 2025 02:39 PM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Fri, 30 May 2025 02:39 PM IST
सार
Surendra verma on paddy support price: केंद्र सरकार की ओर से धान के तय समर्थन मूल्य में महज 69 रुपये की वृद्धि को छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपर्याप्त बताया है।
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ग्रॉफिक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
Surendra verma on paddy support price: केंद्र सरकार की ओर से धान के तय समर्थन मूल्य में महज 69 रुपये की वृद्धि को छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपर्याप्त बताया है। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि साय सरकार किसानों के हक में डकैती डालना बंद कर एमएसपी में 917 रुपये बोनस की राशि को जोड़कर 3400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है।
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उन्होंने कहा कि पिछले साल धान के एमएसपी में 5.36 प्रतिशत वृद्धि हुई थी। 2183 से 117 रुपए बढ़ते हुए 2300 रुपए प्रति क्विंटल किया गया था। इस बार मात्र 3 प्रतिशत?, जबकि महंगाई वृद्धि दर लगभग 8 प्रतिशत। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने और सी 2 फार्मूले से लगात पर 50 प्रतिशत लाभ देने का वादा करके सत्ता में आई मोदी सरकार ने एक बार फिर किसानों को धोखा दिया है।
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वरिष्ठ प्रवक्ता वर्मा ने कहा कि इस बार खरीफ़ सीजन 2025-26 के लिए मंजूर किए गए एमएसपी की घोषणा के अनुसार धान पर कुल वृद्धि 3 प्रतिशत मात्र है, 2300 से बढ़ाकर 2369 अर्थात् 69 रुपए प्रति क्विंटल की है। सी 2 फार्मूले के अनुसार कृषि लागत में नकदी खर्च, खाद, बीज, पानी, रसायन, मजदूरी के साथ ही गैर नकदी लागत के अलावा जमीन की लीज रेंट और उससे जुड़ी खर्च पर लगने वाले ब्याज को भी शामिल किया जाना चाहिए, साथ-साथ किसान परिवार के मेहनत के अनुमानित लागत को भी जोड़ा जाना चाहिए, लेकिन दुर्भावनापूर्वक लागत में इनमें से कई खर्चो को शामिल नहीं किया गया। न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि और बढ़ती महंगाई के चलते धान के खेती में कृषि लगात में एक साल के दौरान औषत वृद्धि 8 प्रतिशत से अधिक है, लेकिन किसान विरोधी मोदी सरकार ने एमएसपी में मात्र 3 प्रतिशत की ही वृद्धि की है जो किसानों के साथ अन्याय है, अत्याचार है।
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वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2023-24 में बोनस की राशि 917 रुपए प्रति क्विंटल थी, जो एमएसपी के अतिरिक्त धान के किसानों को मिल रहा था, जिसे 2024-25 में साय सरकार ने घटाकर 800 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया। अब यह और भी घटकर मात्र 732 रुपए प्रति क्विंटल (3100-2369) रह जाएगा। एमएसपी में वृद्धि के चलते 3100 और एमएसपी के अंतर की राशि जिसका लाभ किसानों को मिलना चाहिए, उसे बीजेपी सरकार हड़प रही है। 3100 के साथ ही 2024-25 में किए गए एमएसपी में वृद्धि 117 तथा 2025-26 में किए गए एमएसपी में वृद्धि 69 को जोड़कर कुल 3286 रुपए प्रति क्विंटल होता हैय़। यदि 8 प्रतिशत वृद्धि किया जाए तो 184 रुपए की वृद्धि होगी।