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ऑपरेशन साइबर शील्ड: रायपुर में फर्जी सिम बेचने वाले दो एजेंट गिरफ्तार, साइबर ठगी में हो रहे थे इस्तेमाल

Tue, 07 Jul 2026 07:11 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Tue, 07 Jul 2026 07:11 PM IST
सार

रायपुर रेंज पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी कर साइबर अपराधियों को बेचने वाले दो पीओएस (POS) एजेंटों को गिरफ्तार किया है।

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Operation Cyber Shield: Two agents arrested for selling fake SIM cards that were being used for cyber fraud
पुलिस के गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रायपुर रेंज पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी कर साइबर अपराधियों को बेचने वाले दो पीओएस (POS) एजेंटों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के छतरपुर और छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, इनके द्वारा बेचे गए सिम कार्ड का इस्तेमाल यूट्यूब पर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने और 'कौन बनेगा करोड़पति' में इनाम दिलाने का झांसा देकर ठगी करने जैसे मामलों में किया गया।
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रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अमरेश मिश्रा के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत रेंज साइबर थाना और संबंधित पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश प्रजापति (प्रजापति टेलीकॉम, छतरपुर) और मनोज देवांगन (मनोज मोबाइल, मुढ़ीपार, खैरागढ़) के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
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पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि नया सिम लेने या सिम पोर्ट कराने आने वाले ग्राहकों के डबल थंब स्कैन, आई-ब्लिंक और ई-केवाईसी का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी से अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय कर देते थे। जिन ग्राहकों के पास आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी होती थी, उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर डी-केवाईसी के माध्यम से भी अतिरिक्त सिम जारी किए जाते थे। बाद में इन सिम कार्डों को अधिक कीमत पर साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
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पुलिस के मुताबिक, गरियाबंद जिले में एक व्यक्ति से फेसबुक पर दोस्ती कर व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देते हुए करीब 7.90 लाख रुपये की ठगी की गई थी। वहीं दूसरे मामले में एक व्यक्ति को कौन बनेगा करोड़पति में इनाम जीतने का झांसा देकर टैक्स जमा कराने के नाम पर ठगा गया। दोनों मामलों की जांच के दौरान फर्जी सिम नेटवर्क का खुलासा हुआ।


पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अंजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और किसी भी अनजान व्यक्ति की वीडियो कॉल न उठाएं। किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग या इनाम के नाम पर पैसे मांगने पर भुगतान न करें और तत्काल साइबर पुलिस को सूचना दें। साथ ही बैंक खाते, ओटीपी, यूपीआई पिन और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई है।
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