{"_id":"6a0f123f624a98e5a2006830","slug":"on-pretext-of-feeding-gooseberry-cousin-brutalized-innocent-court-sentenced-him-to-20-years-in-prison-2026-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Raipur News: करौंदा खिलाने के बहाने चचेरे भाई ने की मासूम से दरिंदगी, कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Raipur News: करौंदा खिलाने के बहाने चचेरे भाई ने की मासूम से दरिंदगी, कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा
Thu, 21 May 2026 07:40 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 21 May 2026 07:40 PM IST
सार
रायपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा दी है। आरोपी बच्ची का रिश्तेदार बताया गया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रायपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा दी है। आरोपी बच्ची का रिश्तेदार बताया गया है। अदालत ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए कठोर दंड सुनाया।
मामला आरंग थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के मुताबिक घटना जुलाई 2025 में हुई थी। बच्ची की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनकी बेटी दोपहर में घर से बाहर गई थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहाने से अपने साथ ले गया और सुनसान कमरे में वारदात को अंजाम दिया।
परिजनों के अनुसार बच्ची जब घर लौटी तो असहज और दर्द से परेशान थी। पूछताछ करने पर उसने घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में मेडिकल जांच, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्य जुटाए।
विज्ञापन
जांच के दौरान मिले प्रमाणों के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों के खिलाफ अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में कठोर सजा जरूरी है।
विज्ञापन
मामला आरंग थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के मुताबिक घटना जुलाई 2025 में हुई थी। बच्ची की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उनकी बेटी दोपहर में घर से बाहर गई थी। इसी दौरान आरोपी उसे बहाने से अपने साथ ले गया और सुनसान कमरे में वारदात को अंजाम दिया।
विज्ञापन
परिजनों के अनुसार बच्ची जब घर लौटी तो असहज और दर्द से परेशान थी। पूछताछ करने पर उसने घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में मेडिकल जांच, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्य जुटाए।
विज्ञापन
जांच के दौरान मिले प्रमाणों के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों के खिलाफ अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में कठोर सजा जरूरी है।